दिल्ली के चिल्ला इलाके में रहने वाले अजय चौधरी की जिंदगी में फिटनेस का खास मुकाम था. जिम उनके लिए सिर्फ कसरत करने की जगह नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा था. वह खुद जिम करते थे और युवाओं को फिटनेस व बॉडी ट्रेनिंग भी देते थे. पत्नी सुजाता के मुताबिक, अजय घंटों युवाओं को ट्रेनिंग देते थे और फिटनेस के प्रति उनका खास लगाव था.

करीब दो साल पहले अजय ने अपना जिम बंद कर दिया और नोएडा में एक बिल्डर कारोबारी के यहां बाउंसर के तौर पर काम करने लगे. परिजनों के अनुसार, वह ड्राइविंग का काम भी करते थे. परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. पत्नी का कहना है कि अजय ने करीब दो साल पहले सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली थी. इसके बाद उनका जीवन काम और परिवार तक सीमित हो गया था.
24 सितंबर की रात आखिरी बार हुई थी बात
सुजाता के मुताबिक, 24 सितंबर की रात अजय सेक्टर71 से घर के लिए निकले थे. रास्ते में उन्होंने जिस ऑटो से सफर किया, उसकी तस्वीर पत्नी को भेजी. परिवार का कहना है कि अजय को किसी अनहोनी की आशंका महसूस हुई थी. हालांकि पुलिस के अनुसार, उस दिन उन्होंने अधिक शराब पी रखी थी और वह लगातार अपनी लोकेशन परिवार को बता रहे थे.
बताया गया कि सेक्टर71 से निकलने के बाद अजय अपने दोस्त राजेश शर्मा के पास छिजारसी गए. वहां से उन्होंने ऑटो लिया और आनंद विहार की ओर रवाना हुए. रास्ते में उन्होंने एक दुकान से पानी और नमकीन खरीदा. इसके बाद दुकान और ऑटो की तस्वीर भी पत्नी को भेजी. रात करीब 11:22 बजे के बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया.
26 सितंबर को दर्ज हुई गुमशुदगी
फोन बंद मिलने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई. काफी तलाश के बाद भी अजय का पता नहीं चला. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 26 सितंबर को नोएडा के फेस3 थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई. इसी दौरान दिल्ली पुलिस को गाजीपुर फूल मंडी के पास नाले में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। 1 अक्टूबर को परिजनों ने शव की पहचान अजय चौधरी के रूप में की.
परिजनों के मुताबिक, अजय के शरीर और गर्दन पर चाकू के निशान मिले हैं. परिवार ने इसे हत्या बताते हुए कार्रवाई की मांग की है. परिजनों की शिकायत पर मयूर विहार फेस1 थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब अजय की आखिरी लोकेशन, रास्ते में मिले लोगों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य सुरागों की जांच कर रही है.



