सोने की कीमत करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंचने के बाद भारतीय ग्राहकों की खरीदारी की पसंद में बदलाव दिख रहा है. महंगे सोने के बीच हल्की ज्वेलरी, कम कैरेट के आभूषण और पुराने सोने के एक्सचेंज की मांग बढ़ रही है.

महंगे सोने से बदला ज्वेलरी खरीदने का तरीका
सोने की ऊंची कीमतों ने ग्राहकों को खरीदारी का बजट बदलने पर मजबूर किया है. अब कई ग्राहक भारी आभूषणों की जगह हल्के वजन के डिजाइन पसंद कर रहे हैं. इससे कम बजट में सोना खरीदना संभव हो रहा है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, ऊंची कीमतों के कारण भारत में हल्के वजन और कम कैरेट की ज्वेलरी की ओर बदलाव तेज हुआ है. ग्राहकों की खरीदारी अब कीमत, एक्सचेंज ऑफर, डिस्काउंट और भुगतान विकल्पों पर ज्यादा निर्भर हो रही है.
पुराने सोने के बदले नई ज्वेलरी
गोल्ड एक्सचेंज भी ग्राहकों के लिए एक अहम विकल्प बन रहा है. पुराने सोने को एक्सचेंज करके नई ज्वेलरी खरीदने से ग्राहकों को पूरी रकम नकद खर्च नहीं करनी पड़ती. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, कुछ ज्वेलर्स के यहां एक्सचेंज से होने वाली बिक्री में 1020% तक बढ़ोतरी देखी गई है और कुछ मामलों में एक्सचेंज बिक्री का हिस्सा 70% तक पहुंचा है.
कम वजन और कम कैरेट की ज्वेलरी की मांग
बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक अब ऐसी ज्वेलरी तलाश रहे हैं, जिसमें सोने की मात्रा कम हो लेकिन डिजाइन और पहनने का अनुभव बना रहे. हल्की ज्वेलरी के साथ कम कैरेट वाले विकल्प भी इसी बदलाव का हिस्सा हैं.
2 अक्टूबर को भारत में बेंचमार्क सोने की कीमत करीब ₹1,50,540 प्रति 10 ग्राम थी. दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.50 लाख और 22 कैरेट करीब ₹1.375 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था.
दिवाली और शादी के सीजन पर नजर
आने वाले दिवाली और शादी के सीजन में सोने की मांग बनी रहने की उम्मीद है, लेकिन ग्राहकों की खरीदारी कीमत और बजट के हिसाब से होगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालिया गिरावट से कुछ ऐसे ग्राहक बाजार में लौट सकते हैं, जिन्होंने महंगे सोने के कारण खरीदारी टाल दी थी.



