उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है. आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी में हुए इस बदलाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. इस बीच योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बयान सामने आया है. उन्होंने कांग्रेस को किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए.

शनिवार को मीडिया से बात करते हुए आराधना मिश्रा ‘मोना’ के यूपी कांग्रेस अध्यक्ष और इमरान मसूद के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए.
#WATCH | Lucknow | On the appointment of Aradhana Mishra ‘Mona’ as the UP Congress President and Imran Masood as the Working President, UP minister OP Rajbhar says, “It will make no difference. The Congress should declare a Muslim leader as its Chief Ministerial face; this is my pic.twitter.com/2qLJXrbzf0
— ANI October 3, 2026
‘सपा और कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय से बहुत वोट लिए’
इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी को यही सलाह दी. उन्होंने कहा कि सपा को भी मेरी यही सलाह है कि वो किसी मुस्लिम चेहरे को सीएम उम्मीदवार घोषित करें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों को ही मुस्लिम समुदाय से काफ़ी वोट मिले हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने मुस्लिम समुदाय से बहुत वोट लिए हैं. उन्होंने कहा कि समयसमय पर पार्टियों में संगठन में बदलाव होता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कांग्रेस में भी ऐसा ही बदलाव हुआ है. उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस और सपा को घेरा
आराधना मिश्रा को यूपी की कमान सौंपने पर मंत्री ओपी राजभर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने भी इस बिल का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये दोनों ही पार्टियां किस मुंह से महिलाओं के बीच जाएंगी. कैसे उनसे पार्टी के लिए वोट मागेंगी.
‘महिलाएं करेंगी सवाल…’
उन्होंने कहा कि महिलाएं भी अब जागरूक हो चुकी हैं. वो भी इन पार्टियों से सवाल करेंगी कि जब महिलाओं के लिए बिल आया था तो आपने इसका विरोध क्यों किया था, आपको तो इसका समर्थन करना चाहिए था. ऐसे में आप किस मुंह से वोट मांगने आए हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के बीच ये मुद्दे जरूर उठाए जाएंगे.



