UP MLC Election: डॉ. संजयन त्रिपाठी ने गोरखपुरफैजाबाद पर बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। नामांकन दाखिल करने के बाद वे कार्यकर्ताओं के सामने भावुक हो गए। उन्होंने अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा भी हटा दिया।

बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कहा कि वे बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। उनका कहना है कि वह इस सीट से टिकट के सबसे मजबूत दावेदारों में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया।
पार्टी पर लगाया कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
संजयन त्रिपाठी ने कहा कि बीजेपी जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगे नहीं ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले लोगों को मौका दिया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि पार्टी अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच ठीक से तालमेल नहीं बैठा पा रही है।
‘मेरी वफादारी और निष्ठा पर सवाल, कई बार अपमान सहा’
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कार से बीजेपी का झंडा हटाने के बाद कहा कि बहुत भारी मन से और बहुत दुखी भाव से आज हमने इस झंडे का त्याग किया। क्योंकि अब इस झंडे के इस्तेमाल का हमारा कोई अधिकार नहीं रह गया है। मैं नामांकन करके आया हूं और नामांकन करने के बाद क्योंकि मैं अधिकृत नहीं रह गया कि मैं भारतीय जनता पार्टी का सदस्य रह सकूं। एक किराये के मकान में रहने वाले को भी अगर जब घर छोड़ना होता है तो उसे छोड़ते समय बहुत दुख होता है। जिसने किसी घर को स्थायी मान लिया हो, अगर उसे अपना घर छोड़ना पड़ता है तो आप अनुमान लगा सकते हैं कि उसे कितनी पीड़ा होगी, कितनी तकलीफ होगी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पिछले 6 सालों में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी, अपनी वफादारी प्रमाणित करने के लिए, अपनी निष्ठा साबित करने के लिए। लेकिन ये दुर्भाग्य रहा कि मेरी निष्ठा, मेरी वफादारी जो दल के प्रति बहुत ईमानदारी से थी, उस पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा। कभी उसकी चिंता नहीं की गई। ऐसे अनगिनत अवसर आए जिन अवसरों पर मैंने अपमान बर्दाश्त किया।
‘बीजेपी के शीर्ष नेताओं पर निशाना’
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कहा कि मैं पार्टी के झंडे का परित्याग करते हुए बीजेपी के शीर्ष नेताओं से कहना चाहता हूं कि ऊपर की कुर्सियों में, AC कमरों में बैठे हुए, कभी नीचे उतरकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के दर्द को भी पहचानिए। उसके दर्द को अगर आप अनदेखा करेंगे तो ये कार्यकर्ता रूठेंगे और जब रूठेंगे तो आपके दल का कोई भविष्य नहीं है।



