उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती का विवाद एक बार फिर सामने आ गया है. भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की कथित विसंगतियों और लंबित नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं. अब अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री और अपना दल की प्रमुख अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है. अभ्यर्थियों ने अनुप्रिया पटेल से अपील की कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठाएं.

अभ्यर्थियों का कहना है कि वह पिछले करीब 8 साल से नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के प्रावधानों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया. उनका कहना है कि आरक्षित वर्गों को मिलने वाली 5 फीसदी की छूट का उचित लाभ नहीं दिया गया और इसके चलते आरक्षण की विसंगति पैदा हुई.
23 हजार से ज्यादा पद अभी खाली होने का दावा
अभ्यर्थी अब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुतियों को लागू करने और उसके आधार पर संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक नियुक्ति पत्र और आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा. अभ्यर्थियों के मुताबिक इस भर्ती प्रक्रिया में अभी भी 23 हजार से ज्यादा पद खाली हैं. इनमें 9 हजार से ज्यादा पद OBC वर्ग से जुड़े होने का दावा किया गया है.
पहले भी डिप्टी CM केशव मौर्य के आवास का घेराव
यह पहली बार नहीं है जब 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी मांग रखी हो. सितंबर में अभ्यर्थियों ने लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया था. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता कराने और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने की मांग की थी. उस दौरान भी अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर कर नियुक्ति का रास्ता साफ करने की मांग उठाई थी.
इसके बाद 24 सितंबर को अभ्यर्थियों ने बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में भी प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि भर्ती में आरक्षण के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ. अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें खून से खत भी लिखा था. इसके अलावा मंत्री ओम प्रकाश राजभर समेत पिछड़े वर्ग के नेताओं के आवास का घेराव कर चुके हैं. पिछले 8 साल से अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है.
अब अनुप्रिया पटेल से लगाई गुहार
2 अक्टूबर को अहिंसा दिवस के मौके पर अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस मामले के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं. अभ्यर्थी आशुतोष के मुताबिक, उन्होंने इस मौके पर किसी तरह का उग्र प्रदर्शन नहीं किया और परिवार एवं समाज के स्तर पर अपनी समस्या केंद्रीय मंत्री के सामने रखी. अनुप्रिया पटेल ने अभ्यर्थियों को इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का भरोसा दिया.



