
विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा जिले में हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक कसाई ने कथित तौर पर पैसों के विवाद के बाद एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद कसाई ने महिला के शरीर के टुकड़े कर दिए और उन्हें पास की एक नहर में फेंक दिया। आंध्र प्रदेश पुलिस ने इब्राहिमपटनम में मिली अज्ञात लाश की शिनाख्त के बाद हत्या का खुलासा किया। पुलिस ने हत्यारे और उसके सहयोगी को हिरासत में लेकर पुछताछ कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने हत्या की जांच की जानकारी देते हुए बताया कि इब्राहिमपटनम में एक अज्ञात लाश मिली थी। इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर फैलने के बाद मरने वाली महिला की पहचान कल्याणी के तौर पर हुई। खबरों के मुताबिक, उसके रिश्तेदारों ने उसके हाथ पर बने टैटू को पहचाना और पुलिस से संपर्क किया। इससे जांचकर्ताओं को उसकी पहचान करने में मदद मिली।
शफी और कल्याणी में थे करीबी संबंध
जांच के दौरान पुलिस भवानीपुरम के रहने वाले शफी तक पहुंची। जो मटन की एक छोटी सी दुकान चलाता है। पुलिस को पता चला कि शफी और कल्याणी के बीच करीबी संबंध थे और कथित तौर पर पैसों को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कल्याणी के बेटे से जुड़े एक पुराने झगड़े ने भी कथित तौर पर उनके रिश्तों में खटास पैदा कर दी थी।
गला काटकर की हत्या
जांच के अनुसार, शफी 17 सितंबर को कल्याणी को भवानीपुरम स्थित अपने घर ले गया। खबरों के मुताबिक, पैसों को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद शफी ने कथित तौर पर चाकू से उस पर हमला किया और उसका गला काट दिया।
शफी ने शव के नौ टुकड़े किए और नहर में फेंका
पुलिस को शक है कि इसके बाद शफी ने शव के नौ टुकड़े किए और अपनी मटन की दुकान पर काम करने वाले गुरुवुलु की मदद से शव के अवशेषों को ठिकाने लगाया। शव के टुकड़ों को कथित तौर पर गोलापुडी इलाके की कूलिंग नहर में फेंक दिया गया।
हत्यारा और उसका साथी पकड़ा
पुलिस ने शफी और गुरुवुलु को हिरासत में ले लिया है और कथित संलिप्तता को लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता हत्या के असली मकसद, दोनों संदिग्धों की अलग-अलग भूमिका और शव को कैसे ले जाया गया और ठिकाने लगाया गया, इस बारे में जांच कर रहे हैं।
मीडिया के जरिए सुलझा मामला?
इब्राहिमपटनम सर्कल इंस्पेक्टर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि सोशल मीडिया के सहयोग से यह मामला सुलझाया गया। मीडिया की ओर से अज्ञात शव के बारे में जानकारी फैलाने से कल्याणी के रिश्तेदारों को उसे पहचानने में मदद मिली।



