पुणे। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर सिया गोयल की कथित स्नैपचैट बातचीत का एक स्क्रीनशॉट वायरल हो गया है।

कई रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत में सिया अपने एक दोस्त से आधार कार्ड के आगे और पीछे की तस्वीरें भेजने के लिए कह रही है, जो कथित तौर पर शादी के टिकट बुक करने के लिए मांगी गई थीं। संदेश में लिखा है, “आधार कार्ड का आगे और पीछे का फोटो भेज दे। शादी के टिकट के लिए, जो होने वाली नहीं है पर फिर भी भेज दे।”

न्यायिक हिरासत में भेजे गए सिया और चेतन
इसके जवाब में दोस्त कहता है कि यह डॉक्यूमेंट पहले ही व्हाट्सएप पर भेजा जा चुका है। यह स्क्रीनशॉट तब ऑनलाइन वायरल हुआ जब शुक्रवार को पुणे की एक अदालत ने हत्या के मामले में 20 साल की सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 साल के चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दोनों पर 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में एक चट्टान से धक्का देकर 25 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या करने का आरोप है। केतन और सिया की शादी नवंबर में होने वाली थी।

पुलिस ने की थी कस्टडी की मांग
पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी रिमांड बढ़ाने की मांग यह तर्क देते हुए की थी कि उनके मोबाइल फोन से कोड वाली भाषा वाली चैट मिलने के बाद और पूछताछ जरूरी है। हालांकि, अदालत ने अनुरोध ठुकरा दिया और दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सुनवाई के दौरान असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राजश्री विरकुड ने अदालत को बताया कि जांचकर्ताओं ने उस जगह पर पंचनामा किया था जहां सिया ने मुंबई जाते समय कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फेंक दिया था। उन्होंने कहा, “जांचकर्ताओं ने उस जगह पर भी पंचनामा किया जहां गोयल और चौधरी ने कथित तौर पर अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई थी।”

सिया का एक और फोन बरामद
विरकुड ने अदालत को यह भी बताया कि पुलिस ने सिया का एक और मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। उन्होंने कहा, “पहले जब्त किए गए फोन से डेटा पहले ही मिल चुका है और इन्वेस्टिगेटर्स को फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई है। रिकवर की गई चैट में कोडेड भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही समझा सकता है।”

उन्होंने तर्क दिया कि दोनों आरोपियों का एक साथ सामना कराने और रिकवर किए गए डिजिटल सबूतों के कॉन्टेक्स्ट को वेरिफाई करने के लिए कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है।

वहीं, सिया गोयल के वकील विपुल दुशिंग ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने पहले ही जांच के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दूसरा सामान जब्त कर लिया है और उनका क्लाइंट जांच में सहयोग कर रहा है।

इसके अलावा चेतन चौधरी के वकील ने तर्क दिया कि प्रॉसिक्यूशन के पास आगे पुलिस कस्टडी को सही ठहराने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है और वह संभावनाओं के आधार पर “फिशिंग इंक्वायरी” कर रहा है।

पुलिस ने क्या कहा?
सुनवाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा कि अपराध वाली जगह पर मौजूद कुछ अहम गवाह अब सामने आए हैं।

गिल ने कहा, “जांच के तहत हमने पहले ही कई लोगों से पूछताछ की है। एक दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। फोरेंसिक सबूतों की जांच की जा रही है। केतन ने सिया को कितने पैसे दिए थे इस बारे में जानकारी सही समय पर दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि हत्या हुई थी।”