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पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक कथित रेप और सुसाइड की खबर ने ऐसा बवाल खड़ा किया कि मामला कैंपस से निकलकर सड़क तक पहुंच गया. सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद छात्रों का गुस्सा फूटा, प्रदर्शन और तोड़फोड़ हुई और पुलिस को भी हालात संभालने पड़े. हालांकि, यूनिवर्सिटी ने इन दावों को झूठा और अफवाह बताया.

इसी बीच उन छात्राओं का एक वीडियो सामने आया, जिन्हें पहले मामले को गलत बताने वाला बयान देते हुए दिखाया गया था. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. बाद में उन्हीं छात्राओं ने दावा किया कि वीडियो में उनसे वही बातें कहलवाई गईं, जो प्रशासन ने बताईं और वीडियो के कुछ हिस्से भी उनकी जानकारी के बिना एडिट किए गए. अब पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT बनाई है.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

मामला तब गरमाया, जब कैंपस में यह बात फैलने लगी कि हॉस्टल में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन अपराध हुआ और बाद में उसने आत्महत्या कर ली. इस खबर के बाद छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले में कार्रवाई की मांग करने लगे. हालांकि, शुरुआत में पुलिस का कहना था कि उसे ऐसी किसी घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है. बाद में छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया और मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई.

यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद LPU की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने छात्रों के लिए एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो में गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राएं भी नजर आईं. उन्होंने कहा कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए. यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर चल रही इन बातों को गलत और बिना पुष्टि की खबर बताया. साथ ही, छात्रों से शांत रहने और किसी भी अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की.

फिर छात्राओं ने वीडियो में क्या दावा किया?

मामले में नया मोड़ तब आया, जब उन्हीं तीन छात्राओं का एक और वीडियो सामने आया. इस वीडियो में छात्राओं ने दावा किया कि पहले वीडियो में उन्हें क्या बोलना है, यह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया था. एक छात्रा ने कहा कि वीडियो के कुछ हिस्से काटकर सोशल मीडिया पर डाले गए और इसे पोस्ट करने से पहले उनकी मंजूरी भी नहीं ली गई थी. वहीं, दूसरी छात्रा ने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है और उनके कमरे का नाम बेवजह इस विवाद में जोड़ा गया. इन नए दावों के सामने आने के बाद मामला और उलझ गया है.

प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

अफवाहों को लेकर शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया. इस दौरान कई जगह तोड़फोड़ हुई और कुछ सामान में आग भी लगा दी गई. छात्रों के एक समूह ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे भी जाम कर दिया. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ हुई. हालात बिगड़ने पर पुलिस कैंपस पहुंची और स्थिति को काबू में किया. इसके बाद हाईवे पर ट्रैफिक फिर से शुरू कराया गया.

कॉलेज ने क्या एक्शन लिया?

लगातार हो रहे प्रदर्शन और तनाव को देखते हुए LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास बंद कर दी हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी गई हैं. यूनिवर्सिटी ने छात्रों से सुरक्षित रहने और किसी भी तरह के विवाद या हंगामे से दूर रहने को कहा है. जरूरत पड़ने पर छात्र अपने माता-पिता से बात करके घर भी जा सकते हैं.