: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। खड़गे ने CEC को मोदी सरकार की ‘कठपुतली’ बताते हुए तत्काल पद से हटाने की मांग की। यह बयान मतदाता सूची के SIR को लेकर जारी विवाद के बीच आया है।

खड़गे बोले CEC को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं

CWC की बैठक में खड़गे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों से चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने भी SIR और चुनाव से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां उठाई हैं।

खड़गे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं और ऐसी स्थिति में उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की। ये खड़गे की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर कांग्रेस के सवाल

विवाद का प्रमुख मुद्दा SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के साथसाथ चुनावी डेटा के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता की कमी है।

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR सहित कई चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार सवाल उठाए थे। इनमें Form 6, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, का कहना है कि ड्राफ्ट स्तर पर अधिकारियों की ओर से सवाल, सुझाव और इनपुट सामान्य प्रशासनिक एवं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। आयोग ने इन्हें अंतिम फैसलों पर संस्थागत असहमति के तौर पर पेश किए जाने से अलग बताया है।

 

खड़गे ने CWC में रखीं 5 बड़ी मांगें

खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर CWC के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें

  1. मतदाता सूची में किए गए बदलावों से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
  2. जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अपील का मौका दिया जाए।
  3. सभी राजनीतिक दलों को समय पर सरल प्रारूप में Electoral Rolls उपलब्ध कराई जाए।
  4. गंभीर गड़बड़ियां मिलने पर स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।
  5. चुनाव प्रक्रिया और उससे जुड़े डेटा को पारदर्शी बनाया जाए।

राहुल गांधी के वोटर लिस्ट वाले दावों का किया समर्थन

खड़गे ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए ( मतदाता सूची में कथित हेरफेर के मुद्दे का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पहले जिन आशंकाओं को लेकर सवाल उठाए थे, वे अब सामने आ रही घटनाओं से सही साबित हुई हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह कांग्रेस अध्यक्ष का राजनीतिक आकलन है।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र और विश्वसनीय बनाए रखने पर जोर दिया है, ताकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उसके फैसलों पर भरोसा कर सकें।

CEC के कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। याचिका में चुनाव आयोग के भीतर उठाई गई आपत्तियों का हवाला देते हुए SIR और उससे जुड़े फैसलों की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।

फिलहाल ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कांग्रेस की राजनीतिक मांग है। इस मामले में चुनाव आयोग और न्यायपालिका की आगे की प्रक्रिया से स्थिति स्पष्ट होगी।