उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. 10 सीटों के लिए पहले ही दिन 11 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं. बीजेपी की तरफ से 8 और समाजवादी पार्टी की तरफ से 3 नामांकन पत्र लिए गए हैं. यानी 10 सीटों के लिए 11 दावेदारों की तैयारी साफ है. यानी साफ है कि पिछली बार की तरह इस बार राज्यसभा चुनाव के वोटिंग तय है. इसी बीच सपा नेताओं ने बीजेपी विधायकों की क्रॉस वोटिंग के दावे भी किए हैं.

नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. इसके बाद 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. अभी तक किसी भी दल ने अपने प्रत्याशियों का आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है. हालांकि, अखिलेश यादव ने अपने विधायकों से रामगोपाल यादव और आलोक रंजन के नाम की चर्चा की है.

बीजेपी के 8 पर्चे, उम्मीदवारों पर मंथन

बीजेपी ने राज्यसभा की 8 सीटों के लिए 8 नामांकन पत्र खरीदे हैं. हालांकि पार्टी ने अभी सभी उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान नहीं किया है. बीजेपी की ओर से संभावित नामों में स्मृति ईरानी, कौशल किशोर, हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल, गीता शाक्य, रेखा वर्मा, राजवीर सिंह समेत कई नाम चर्चा में हैं. पार्टी ने केंद्रीय नेतृत्व को संभावित नामों का पैनल भी भेजा है. नंबर गेम के लिहाज से बीजेपी 8 सीट जीतने में कामयाब हो सकती है.

सपा ने क्यों लिए 3 पर्चे?

सपा ने राज्यसभा के लिए तीन नामांकन पत्र खरीदे हैं. सपा नेता और विधायक शाहिद मंजूर का कहना है कि तीनों नामांकन पत्र प्रत्याशियों के लिए हैं. उन्होंने बताया कि रामगोपाल यादव के नामांकन फॉर्म पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि बाकी दो उम्मीदवारों के नाम जल्द घोषित किए जाएंगे. सपा की तरफ से तीसरे उम्मीदवार को लेकर चौधरी रूद्रसेन, सलीम शेरवानी और अरविंद सिंह गोप के नाम चर्चा में रहे हैं. सलीम शेरवानी ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है.

37 वोट का नंबर गेम

उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस समय विधायकों की संख्या 397 है. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत है. बीजेपी के पास 256 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए का आंकड़ा 294 है. वहीं सपा के 101 और कांग्रेस के 2 विधायक हैं. सपा के दो उम्मीदवारों के लिए 74 प्रथम वरीयता वोट चाहिए. सपा और कांग्रेस के मौजूदा आंकड़े को देखें तो तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त वोट जुटाने की जरूरत पड़ेगी.

अतुल प्रधान का दावा

इसी बीच समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने बीजेपी के भीतर भगदड़ का दावा किया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा में भगदड़ मची हुई है, बहुत सारे विधायक हमारी ओर आएंगे. वहीं, सपा विधायक आरके वर्मा ने इससे भी आगे बढ़कर दावा किया है कि बीजेपी के 12 विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं. उनका कहना है कि ये विधायक सरकार से नाराज हैं और राज्यसभा चुनाव में सपा के पक्ष में वोट कर सकते हैं.

किन नामों की चर्चा?

सपा नेताओं की तरफ से बीजेपी के कुछ विधायकों के नाम भी सपा के संपर्क में होने के दावे के साथ बताए जा रहे हैं. इसमें ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के 4 विधायक, संजय निषाद की पार्टी के 3 तीन विधायक, जयंत चौधरी की पार्टी के दो विधायक के अलावा बीजेपी के 4 से 5 विधायक बताए जा रहे हैं. सपा के दावे के मुताबिक, अभी सपा के संपर्क में 12 से अधिक विधायक हैं, यह आंकड़ा 16 अक्टूबर तक बढ़कर 20 तक जा सकता है.