
Chhattisgarh Crime: छत्तीसगढ़ के भाटापारा से एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों और इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में एक 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ प्यार के झूठे जाल में फंसाकर दरिंदगी की गई. आरोपी मनीष डोंडे ने मासूम को शादी का सपना दिखाया और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया. इसके बाद उसने लड़की को हवस का शिकार बनाया और हद तो तब हो गई जब उसने इस शर्मनाक करतूत का वीडियो भी अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया.
घटना के बाद जब पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और आपबीती रोते-रोते परिजनों को बताई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मां की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई और तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को धर दबोचा.
स्कूल जाने के बहाने निकली थी घर से, फिर रची साजिश
मामले की शुरुआत तब हुई जब 15 साल की किशोरी 6 जुलाई 2024 को सुबह करीब 11 बजे रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी. उसका फोन भी पूरी तरह बंद आ रहा था. परिवार वाले उसकी तलाश में परेशान हो गए. अगले दिन सुबह करीब 9 बजे जब सहमी हुई और डरी-सहमी किशोरी घर लौटी, तो उसने अपने ऊपर बीती खौफनाक दास्तान परिवार को सुनाई.
सुनसान घर में बनाया हवस का शिकार
पीड़िता ने बताया कि आरोपी मनीष डोंडे स्कूल के गेट के पास घात लगाकर बैठा था. वह उसे जबरन धमकी देकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर मदकूदीप ले गया. मंदिर के पास जब लड़की ने घर वापस छोड़ने की जिद की, तो वह उसे एक सुनसान घर में ले गया. वहां आरोपी ने उसे अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया. इतना ही नहीं, आरोपी ने इस पूरी घिनौनी हरकत का वीडियो भी अपने फोन में बना लिया था ताकि वह लड़की को हमेशा ब्लैकमेल कर सके.
मां की शिकायत पर पुलिस ने बिछाया जाल
बेटी के साथ हुई इस भयानक ज्यादती के बाद मां का कलेजा फट गया. उन्होंने बिना एक पल गंवाए 15 जुलाई 2024 को भाटापारा ग्रामीण थाने में पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया और पीड़िता तथा गवाहों के बयान दर्ज किए. पुलिस टीम ने घटनास्थल का चप्पा-चप्पा खंगाला और जरूरी डिजिटल व भौतिक सबूत जुटाए. सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर ने तत्परता दिखाते हुए जांच पूरी की और आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया.
अदालत ने सुनाई 20 साल की कैद की सजा
विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने कोर्ट में मजबूत गवाही और सबूत पेश किए, जिससे आरोपी का बचना नामुमकिन हो गया. साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी मनीष डोंडे को दोषी करार दिया. अदालत ने पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत उसे कुल 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई.



