HighLevel Inspection At Agra Metro: उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स की उच्चस्तरीय समिति ने शुक्रवार को आगरा पहुंचकर शहर के दो अति संवेदनशील प्रतिष्ठानों—आगरा मेट्रो और जिला न्यायालय—की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया। समिति ने सुरक्षा प्रबंधन, आधुनिक उपकरणों, मानक संचालन प्रक्रिया और जवानों की तैनाती का बारीकी से मूल्यांकन करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।

सबसे पहले आगरा मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण
सेनानायक डॉ. एम.पी. सिंह के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले आगरा मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर, सीसीटीवी कैमरे, प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच व्यवस्था तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल का परीक्षण किया गया। समिति ने ड्यूटी पर तैनात UPSSF जवानों से सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं, उनकी जिम्मेदारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली की भी जानकारी ली।
मेट्रो डिपो स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर का किया दौरा
इसके बाद समिति ने मेट्रो डिपो स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर का दौरा कर, कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निगरानी प्रणाली की कार्यक्षमता का आकलन करते हुए आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए।
इसके उपरांत उच्चस्तरीय समिति पहुंची, जहां न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। प्रवेश द्वारों पर चेकिंग और फ्रिस्किंग व्यवस्था, वाहन पार्किंग, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
न्यायालय सुरक्षा समिति वं एडीजे01 पुष्कर उपाध्याय के साथ की बैठक
निरीक्षण के दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं एडीजे01 पुष्कर उपाध्याय के साथ बैठक कर न्यायालय की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं अभेद्य बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। समिति ने बदलती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर सतर्कता, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर UPSSF और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण का उद्देश्य आगरा मेट्रो और जिला न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन कर उसे और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाना रहा।



