राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे एक सफाई अभियान के दौरान कबाड़ व्यापारी की बस्ती से एक मानव कंकाल बरामद किया गया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद से स्थानीय इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब भाजपा की दिल्ली इकाई के कार्यकर्ता ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत राष्ट्रीय राजधानी में स्वच्छता अभियान चला रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने इलाके में अवैध निर्माण और अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए सफाई का कार्य शुरू किया। इसी प्रक्रिया में जब उनमें से एक कार्यकर्ता ने मोहम्मद अबरार के भाई शकील मोहम्मद की झोपड़ी के पास कचरा इकट्ठा करने के लिए एक डिब्बा उठाया, तो एक बड़ा सच सामने आया। जैसे ही डिब्बे का टूटा हुआ ढक्कन नीचे गिरा, उसके अंदर एक मानव कंकाल रखा हुआ मिला।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद भाजपा नेताओं ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कंकाल को अपने कब्जे में लेकर इस बात की पुष्टि की कि वह वास्तव में एक मानव कंकाल ही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के पास इस तरह मानव कंकाल मिलना पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने यह गंभीर सवाल भी उठाया कि क्या यह मामला किसी अपहरण, हत्या या अन्य किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही, भाजपा ने यह भी दावा किया कि इस क्षेत्र में अवैध घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी गतिविधियां चल रही हैं, और पुलिस से आग्रह किया कि इलाके में आपराधिक गतिविधियों की थाह लेने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए।
दूसरी ओर, आरोपी कबाड़ व्यापारी मोहम्मद अबरार ने सफाई देते हुए दावा किया कि उनके भतीजे ने यह कंकाल जुलाई महीने में पास के ही एक स्कूल से कबाड़ के रूप में खरीदा था। अबरार के अनुसार, स्कूल के नए प्रधानाचार्य ने प्रयोगशाला से सभी गैरजरूरी सामान हटाने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत वे बेकार कागज, किताबें, अलमारियां, बक्से और अन्य कबाड़ के साथ इस कंकाल को भी ले आए थे। उनका यह भी कहना था कि इस बात की जानकारी स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करके आसानी से लगाई जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्हें इस बात की सूचना अधिकारियों को देनी चाहिए थी, लेकिन उनका दावा है कि इलाके के लोग इस बात से अच्छी तरह वाकिफ थे कि यह सामान स्कूल से लाया गया था। फिलहाल पुलिस इस मामले के हर पहलू और दोनों पक्षों के दावों की गहनता से जांच कर रही है।



