
Bihar Train Murder: 10 हजार की फिरौती, हाथ-पैर बांधे और ट्रेन से फेंका
बिहार के बक्सर से एक ऐसी दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। चलती ट्रेनों में यात्रियों को अपना निशाना बनाने वाले एक शातिर साइको किलर को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी लोगों का अपहरण करता था, उनके घर वालों से फिरौती ऐंठता था और फिर उन्हें बेरहमी से चलती ट्रेन से नीचे फेंक देता था। इस खूंखार अपराधी की गिरफ्तारी से पुलिस ने चैन की सांस ली है, क्योंकि इसके पकड़े जाने से कई बड़े राज से पर्दा उठा है।
हैदराबाद से लौट रहे युवक को बनाया था शिकार
यह पूरा मामला वैशाली के रहने वाले 21 साल के नितिन कुमार से जुड़ा है। नितिन 19 सितंबर को हैदराबाद से दानापुर स्पेशल ट्रेन से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में रोहित नाम के इस शातिर अपराधी ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आरोपी ने पहले नितिन को बुरी तरह प्रताड़ित किया और उसके परिवार को फोन करके 10,000 रुपये की फिरौती मांगी। परिवार ने जैसे-तैसे पैसे का इंतजाम करके दिए भी, लेकिन इसके बावजूद इस दरिंदे का दिल नहीं पसीजा। उसने बेरहमी से नितिन के हाथ-पैर बांधे और उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
Bihar Train Kidnapping: ट्रेन में बनाया यात्री को निशाना
परिवार की शिकायत के बाद बक्सर रेलवे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अपहरण और हत्या की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे डीएसपी कंचन कुमारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी रोहित के बारे में सुराग मिला। इसके बाद टीम ने वाराणसी में उसका पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रोहित ने नितिन को बांधकर चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की बात स्वीकार की।
Bihar Train Murder: 2024 में भी सामने आया था ऐसा मामला
पुलिस के मुताबिक, रोहित का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। जांच में पता चला कि 2024 में उसने बक्सर के दो लोगों को कथित तौर पर चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। हालांकि, दोनों की जान बच गई थी। इस मामले में रोहित को दोषी ठहराया गया और जेल की सजा पूरी करने के बाद वह बाहर आया था।
Train Crime: पुलिस पहचान बदलकर करता था शिकार
रेलवे डीएसपी कंचन कुमारी के मुताबिक, आरोपी अपने शिकार का भरोसा जीतने के लिए अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करता था। वह कभी खुद को पुलिस अधिकारी तो कभी GRP या STF कर्मचारी बताता था। पुलिस का कहना है कि नितिन के मामले में सिगरेट पीने को लेकर उसे परेशान किया गया और बाद में परिवार से पैसे मांगे गए। फिरौती मिलने के बाद उसे ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया। पुलिस आरोपी को आदतन अपराधी बता रही है और उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है। मामले में जल्द सुनवाई की तैयारी की जा रही है।



