
जबलपुर : सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रहने के बाद अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई. शिक्षकों की वरिष्ठता-पेंशन समेत कई लाभों का रास्ता खुलने की उम्मीद बढ़ी है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य के 70,000 शिक्षकों को वेतन वरिष्ठता और पेंशन में लाभ देने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक खोट की एकलपीठ ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह का वक्त दिया है. ये याचिका राजेश पांडे सहित 497 शिक्षकों की ओर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर की गई थी.
वेतन निर्धारण में विसंगतियों का विरोध
याचिका में कहा गया “मध्य प्रदेश विधानसभा के 2017 के आधिकारिक रिकॉर्ड में स्कूल शिक्षा मंत्री के उत्तर के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 15 अक्टूबर 2016 के आदेश के तहत अध्यापक संवर्ग को 1 जनवरी 2016 से छठे वेतनमान का लाभ दिया गया. उसी रिकॉर्ड में वरिष्ठता, सेवा अवधि और वेतन वृद्धि की गणना में विसंगतियों का भी उल्लेख है.”
एडवोकेट जितेंद्र आर्य
2016-17 के दौर में अध्यापक संगठनों ने इसी व्यवस्था पर आपत्ति उठाई थी. दावा किया गया था कि अध्यापक संवर्ग को नियमित शिक्षकों की तुलना में छठे वेतनमान का पूरा लाभ नहीं मिला और सेवा अवधि तथा वेतन निर्धारण को लेकर विसंगतियां बनीं.
हाई कोर्ट ने दिया था शिक्षकों के पक्ष में फैसला
साल 2018 में संविलियन का मुद्दा भी इसी विवाद से जुड़ गया. जनवरी 2018 में अध्यापक संगठनों द्वारा शिक्षा विभाग में संविलियन और छठे वेतनमान के निर्धारण को लेकर आंदोलन शुरू किया गया. यह मामला लगातार मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की कई बेंचों में चला और अंत में फरवरी 2026 में फैसला शिक्षकों के पक्ष में आया. लेकिन राज्य सरकार ने फैसला मानने से इंकार कर दिया. राज्य सरकार हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए पहुंच गई.
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकार की बात नहीं मानी और राज्य सरकार की एसएलपी खारिज कर दी. इसके बाद स्पष्ट था कि राज्य सरकार को हाई कोर्ट के आदेश को मानकर अध्यापकों को वेतन वृद्धि एरियस और छठे वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2006 से देना था, जो अभी तक लागू नहीं हुआ. इसी के खिलाफ मध्य प्रदेश के 497 शिक्षकों ने अवमानना याचिका मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर की. शिक्षकों की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पक्ष रखने वाले एडवोकेट जितेंद्र आर्य ने बताया “मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जस्टिस दीपक खोट ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह का समय दिया है.”
शिक्षकों को मिलेगा छठे वेतनमान का लाभ
एडवोकेट जितेंद्र आर्य ने बताया “सरकार को अध्यापकों के लिए हाई कोर्ट द्वारा किए गए फैसले का पालन करना होगा. इसके तहत मध्य प्रदेश के शिक्षकों को छठे वेतनमान का लाभ देना होगा. साथ ही वरिष्ठता वेतनवृद्धि और पेंशन का लाभ भी शामिल करना होगा. यदि हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य सरकार शिक्षकों को बढ़ा हुआ वेतन देती है तो शिक्षकों को 15 से ₹20 हजार प्रति माह का फायदा होगा.”



