देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक ICICI Bank की 2017 के बाद पहली बार बड़े स्तर पर अमेरिकी डॉलर बॉन्ड जारी करने की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक, बैंक विदेशी बाजार से कम से कम 50 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है.

बताया जा रहा है कि बैंक आने वाले कुछ हफ्तों में ग्लोबल मीडियमटर्म नोट प्रोग्राम के तहत यह फंड जुटाएगा. यह विदेशी बाजार में कर्ज जारी करने का एक खास प्लेटफॉर्म होता है.
RBI की नई सुविधा का मिलेगा फायदा
सूत्रों का कहना है कि ICICI Bank यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया राहत के बाद उठा रहा है. RBI ने विदेशी कर्ज लेने वाले योग्य संस्थानों के लिए रियायती विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा शुरू की है. इसका मकसद भारतीय बैंकों को विदेश से सस्ता फंड जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
2017 के बाद पहली बड़ी डॉलर बॉन्ड डील
अगर यह सौदा पूरा होता है, तो यह 2017 के बाद ICICI Bank की पहली बड़ी अमेरिकी डॉलर बॉन्ड बिक्री होगी. उस समय बैंक ने भी 50 करोड़ डॉलर जुटाए थे. सूत्रों के मुताबिक, इस डील को पूरा कराने के लिए ICICI Bank कई वैश्विक निवेश बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है. हालांकि, इस मामले पर टिप्पणी के लिए भेजे गए Bloomberg के ईमेल का बैंक ने कोई जवाब नहीं दिया.
कई भारतीय बैंक भी जुटा रहे हैं विदेशी फंड
RBI की नई व्यवस्था के बाद कई भारतीय बैंक विदेशी बाजार से पैसा जुटाने की तैयारी में हैं. हाल ही में HDFC Bank ने 75 करोड़ डॉलर के बॉन्ड जारी कर फंड जुटाया था. इसके अलावा Axis Bank, State Bank of India और Power Finance Corporation भी अंतरराष्ट्रीय बाजार से पूंजी जुटा चुके हैं.
रुपये को भी मिला सहारा
RBI के इस कदम से रुपये को भी मजबूती मिली है. अमेरिकाईरान युद्ध के दौरान ऊर्जा कीमतों में उछाल की वजह से रुपया डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर हो गया था. मई के आखिर में रुपया करीब 97 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था. इसके बाद से अब तक इसमें करीब 2% की मजबूती देखने को मिली है.



