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नई दिल्ली: “हम हर समय प्रूफ नहीं दे सकते… कभी-कभी तो हमने कॉलेज के बाहर इस सुनसान सड़क पर बेहद ही घिनौनी हरकत देखी है। कुछ लड़कों को मास्टरबेशन करते और प्राइवेट पार्ट फ्लैश करते देखा है।” यह कोई फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) की एक छात्रा की आपबीती है। बीते चार दिनों में कॉलेज के आसपास घटी दर्दनाक और खौफनाक घटनाओं ने लड़कियों को दहशत और गुस्से में डाल दिया है। आलम यह है कि अपनी सुरक्षा के लिए इन छात्राओं को बैग में भारी स्टील की बोतल और पेपर स्प्रे लेकर चलना पड़ रहा है।

बैक गेट पर खौफ का साया- अंधेरा, नशेड़ी और फ्लैशिंग

LSR की छात्रा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कॉलेज का पिछला गेट शाम होते ही लड़कियों के लिए खौफ का रास्ता बन जाता है। यहां न तो स्ट्रीट लाइट्स हैं और न ही कोई सुरक्षा। अगर कभी लाइट लगाई भी जाती है, तो नशेड़ी जानबूझकर उसके तार काट देते हैं ताकि वे अंधेरे का फायदा उठा सकें।

आस्था का दर्द छलकते हुए बाहर आया। उसने कहा, “शाम 6 बजे के बाद हम बाहर निकलते हैं तो हमेशा डर लगा रहता है कि कोई पीछे न आ जाए। कुछ लोग तो लड़कियों को देखकर इतनी घिनौनी हरकतें करते हैं कि उन्हें बयां भी नहीं किया जा सकता। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। क्या हम हर बात का प्रूफ लेकर पुलिस के पास जा सकते हैं?”

50 मीटर दूर एनकाउंटर, दहशत में आकर कॉलेज हुआ ऑनलाइन

कॉलेज के माहौल में यह खौफ तब और गहरा गया, जब हाल ही में पुलिस ने LSR के बैक गेट से महज 50 मीटर की दूरी पर एक खतरनाक अपराधी का एनकाउंटर कर दिया। यह अपराधी 21 सितंबर को आस्था कुंज पार्क में एक 17 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप का आरोपी था। पुलिस के मुताबिक, यह आरोपी अपने साथियों के साथ पुलिसकर्मी बनकर लड़की को सुनसान जगह ले गया था और वहां घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था।

इस एनकाउंटर और रेप की घटना ने LSR कॉलेज की छात्राओं को बुरी तरह डरा दिया। दहशत इतनी ज्यादा थी कि कॉलेज प्रशासन को मजबूरन ऑफलाइन क्लासेज रोककर पढ़ाई ऑनलाइन करनी पड़ी। इसके बाद महिला सुरक्षा की मांग को लेकर LSR और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने 23 सितंबर को एक बड़ा सॉलिडेरिटी मार्च भी निकाला।

‘हम हर बात का प्रूफ नहीं दे सकते, सेफ्टी के लिए रखते हैं पेपर स्प्रे’

आस्था ने बताया कि पुलिस का एक पिंक बूथ कॉलेज के पास बना हुआ है, लेकिन वहां पुलिसकर्मी शायद ही कभी नजर आते हैं। जब कोई बड़ी घटना हो जाती है, तो चंद दिनों के लिए पुलिस दिखती है, फिर हालात जस के तस हो जाते हैं। बाहर से आकर पढ़ने वाली छात्राओं को हर समय अपने परिवार वालों को लाइव लोकेशन भेजनी पड़ती है और वे अकेले चलने के बजाय ग्रुप में निकलने को मजबूर हैं।

यह सिर्फ LSR या दिल्ली का दर्द नहीं है। देश के हर कोने में लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस करने की जद्दोजहद कर रही हैं। जब आस्था से बिहार के जमुई में हुई घटना के बारे में पूछा गया, तो उसकी चुप्पी ने बहुत कुछ कह दिया। थक चुकी आवाज में उसने सिर्फ इतना कहा, “आखिर हमें सेफ्टी कब फील होगी… पता नहीं।” जब तक प्रशासन सिर्फ एनकाउंटर या ऑनलाइन क्लास जैसे फौरी कदम उठाता रहेगा, तब तक लड़कियों को अपने बैग में पेपर स्प्रे और खौफ लेकर ही चलना होगा।

FAQ

Q: LSR कॉलेज के बाहर क्या घटना हुई थी?

A: हाल ही में LSR कॉलेज के गेट से महज 50 मीटर की दूरी पर पुलिस ने आस्था कुंज पार्क रेप केस के एक आरोपी का एनकाउंटर किया था।

Q: कॉलेज प्रशासन ने एनकाउंटर के बाद क्या फैसला लिया?

A: एनकाउंटर और आसपास की घटनाओं के बाद दहशत में आई छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए LSR कॉलेज ने क्लासेज ऑनलाइन कर दीं।

Q: छात्राओं ने पिंक बूथ को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?

A: छात्राओं का कहना है कि कॉलेज के पास बना पिंक बूथ अक्सर खाली रहता है और घटना होने के बाद ही वहां कुछ दिन पुलिस दिखाई देती है।