देशभर में इस्तेमाल हो रहे E20 पेट्रोल को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. अगर गाड़ी E20 के हिसाब से तैयार नहीं है तो माइलेज में कमी आ सकती है. NITI आयोग के एथेनॉल ब्लेंडिंग रोडमैप में शामिल आंकड़ों के अनुसार, लैब टेस्ट और इंजीनियरिंग स्टडी से पता चलता है कि साधारण पेट्रोल की जगह E20 ईंधन इस्तेमाल करने पर गाड़ी का माइलेज लगभग 6% से 10% तक कम हो सकता है.

वहीं, आम लोगों के अनुभव और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि असल सड़क पर चलाने के दौरान माइलेज में करीब 7% से 8% तक की कमी अक्सर देखने को मिलती है. अगर इंजन को खास तौर पर E20 ईंधन के लिए तैयार नहीं किया गया है, तो माइलेज में इससे भी ज्यादा गिरावट आ सकती है.
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिलाया जाता है. यहां “E” का मतलब Ethanol और “20” का मतलब 20 प्रतिशत है. एथेनॉल एक प्रकार का बायोफ्यूल है. भारत में इसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और टूटे हुए चावल जैसे कृषि उत्पादों से बनाया जाता है.
देश में अनिवार्य हुआ E20 फ्यूल
सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल विपणन कंपनियों के लिए E20 पेट्रोल की आपूर्ति और बिक्री अनिवार्य कर दी. अब सरकार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए E25, E27 और E30 जैसे अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन को भी चरणबद्ध तरीके से बाजार में लाने की तैयारी कर रही है.
एथेनॉल के फायदे
भारत सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने पर मुख्य रूप से इसलिए जोर दे रही है ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो, किसानों की आय बढ़े और पर्यावरण प्रदूषण कम हो. हाल ही में पुरी ने बताया कि एथेनॉल को बढ़ावा देने से 201415 से मई 2026 से बीच देश की 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है. इसके जरिए किसानों को भी 1.60 लाख करोड़ रुपये की आय हुई है.



