पंजाब सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे राज्य भर के लाखों कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी. वित्त विभाग ने बुधवार को इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया. इस नए बदलाव के साथ, DA की दर बेसिक पे के मौजूदा 42 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई है. बढ़ा हुआ भत्ता 1 सितंबर, 2026 से लागू होगा और उम्मीद है कि कर्मचारियों को सितंबर के वेतन के साथ ही यह बढ़ा हुआ लाभ मिल जाएगा.

वित्त विभाग की फाइनेंस पर्सनलI शाखा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बढ़ती महंगाई के असर को कम करने में मदद के लिए पंजाब के राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए यह बढ़ोतरी मंजूर की गई है. इस आदेश की कॉपीज सभी स्पेशल चीफ सेक्रेटरी, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, फाइनेंशियल कमिश्नर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी, विभागों के प्रमुखों, डिविजनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और अन्य संबंधित अधिकारियों को लागू करने के लिए भेजी गई हैं.
इनको भी होगा डीए का फायदा
वित्त विभाग ने राज्यभर के जिला ट्रेजरी अधिकारियों और ट्रेजरी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है कि वेतन का भुगतान संशोधित DA दर के अनुसार किया जाए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस फैसले से पंजाब भर के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में काम कर रहे रेगुलर कर्मचारियों को फायदा होगा.
वित्त विभाग ने राज्य द्वारा संचालित कई विश्वविद्यालयों को भी इसकी जानकारी दी है, जिनमें पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना; पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला; गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर; पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़; IK गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर; गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना; बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट; और गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, होशियारपुर शामिल हैं.
नोटिफिकेशन की कॉपीज अकाउंटेंट जनरल , पंजाब; अकाउंटेंट जनरल , पंजाब; नई दिल्ली स्थित पंजाब भवन; और पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट सहित अन्य संबंधित कार्यालयों को भी भेजी गई हैं. इस कदम से सरकारी कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि संशोधित DA का हिस्सा इस महीने से ही उनके वेतन भुगतान का हिस्सा बन जाएगा.
मंगलवार को सरकार का बयान
इससे पहले मंगलवार को, राज्य सरकार ने कहा कि वह कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सरकार ने यह भी कहा कि बकाया DA और महंगाई राहत का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है और उसका फैसला सभी पक्षों पर लागू होगा. मंगलवार को जारी एक बयान में सरकार ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. सभी संबंधित लोगों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, वह सभी पक्षों पर लागू होगा. इसके बावजूद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए एक अहम कदम उठाते हुए DA में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है. इससे कुल DA दर 50 प्रतिशत हो गई है और इस पर सालाना 3,000 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ आएगा.



