बड़ेबड़े दावे करने वाली हॉस्पिटैलिटी कंपनियों की असलियत कई बार बेहद चौंकाने वाली होती है. फूड सेफ्टी के दावों की जमीनी हकीकत परखने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया लगातार अभियान चलाती है. इसी कड़ी में अथॉरिटी ने मेसर्स सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर एक अहम निरीक्षण किया. जांच टीम जब कंपनी के परिसर में दाखिल हुई, तो वहां के हालात देखकर दंग रह गई. वहां इतनी गंभीर स्तर की लापरवाही सामने आई कि अधिकारियों को बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाना पड़ा. FSSAI ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

किचन में मिली भारी गंदगी

जांच टीम ने सबसे पहले उस जगह का मुआयना किया जहां खाना पकाया जाता था. वहां का नजारा बेहद डरावना था. चारों तरफ भारी गंदगी पसरी हुई थी. हवा में ऐसी बदबू थी कि वहां खड़ा होना मुश्किल हो रहा था. परिसर के अंदर कई हिस्सों में पानी का जमाव पाया गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब अधिकारियों ने वहां रखे खाद्य पदार्थों की बारीकी से जांच की, तो हालात और भी ज्यादा खराब मिले. किचन में इस्तेमाल होने वाले टमाटर, पपीता, काजू से लेकर गुड़ तक में फफूंद लगी हुई थी. सब्जी के लिए रखी गई शिमला मिर्च पूरी तरह से सड़ी हुई थी. सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि खाना पकाने के लिए जो तेल कड़ाही में मौजूद था, वो जलकर बिल्कुल काला हो चुका था. ऐसी स्थिति को देखते हुए FSSAI टीम ने तुरंत एक्शन लिया. टीम ने करीब 74 किलो सड़ीगली खाद्य सामग्री को उसी वक्त मौके पर ही नष्ट करवा दिया.

स्टोरेज के नाम पर बड़ी लापरवाही

सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी में हाइजीन के साथ स्टोरेज के नियमों की भी जमकर अनदेखी हो रही थी. कायदे से शाकाहारी खाने को मांसाहारी खाने से बिल्कुल अलग रखा जाना चाहिए. लेकिन निरीक्षण के दौरान वेज के साथ ही मीट से जुड़े आइटम्स रखे पाए गए. कंपनी के कोल्ड स्टोरेज का हाल तो और भी बुरा था. स्टोरेज की छत से पानी सीधा खाने की चीजों के ऊपर टपक रहा था. रेफ्रिजरेशन सिस्टम पूरी तरह खस्ताहाल था. मशीनों में लीकेज की समस्या थी. हद से ज्यादा बर्फ जमी हुई थी, जो सीधे तौर पर साफसफाई की भारी कमी को दर्शा रही थी. इस पूरे परिसर में गंदगी के कारण कॉकरोच उड़ते नजर आए. घरेलू मक्खियों का भी जमावड़ा वहां मौजूद था.

लाइसेंस रद्द होने की मुख्य वजह

कंपनी ने फूड सेफ्टी के किसी भी बेसिक नियम को नहीं माना था. साफसफाई के अलावा वहां दस्तावेजों को मेंटेन करने का कोई सही सिस्टम नहीं था. खाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच के भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिले. जब जांच पूरी हुई तो FSSAI की रिपोर्ट में सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी का कंप्लायंस स्कोर सिर्फ 30 प्रतिशत निकलकर आया. इतने कम स्कोर के कारण अथॉरिटी ने इसे सीधे तौर पर नियमों का पालन न करने की श्रेणी में डाल दिया. इसके बाद फूड अथॉरिटी ने कड़ा फैसला लेते हुए सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया. अथॉरिटी ने सख्त हिदायत दी है कि जब तक सस्पेंशन लागू रहेगा, तब तक कंपनी को खानेपीने के कारोबार से जुड़ी हर तरह की गतिविधियों को पूरी तरह बंद रखना होगा.