मैदान पर अपनी फुर्ती और गोल दागने की अचूक क्षमता के लिए मशहूर नॉर्वे के स्टार फुटबॉलर एर्लिंग हालैंड सिर्फ अपने खेल के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी डाइट के लिए भी सुर्खियों में हैं. नॉर्वे के स्टार फुटबॉलर एर्लिंग हालैंड मैदान पर अपने गोल करने की मशीन जैसी क्षमता के लिए जाने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालैंड हर रोज करीब 6,000 कैलोरी लेते हैं. अपनी डाइट में वह गाय का दिल, लीवर, कच्चा दूध और भारी मात्रा में मांस खाते हैं. इस खुलासे के बाद फिटनेस प्रेमियों में बहस छिड़ गई कि क्या आम लोगों को भी हालैंड जैसी डाइट लेनी चाहिए? इस पर चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों का जवाब है. नहीं, हालैंड की थाली की नकल मत कीजिए, बल्कि उनके खानपान के सिद्धांतों को अपनाइए.

हालैंड की 6,000 कैलोरी वाली डाइट में क्याक्या शामिल?

हालैंड ने अपनी यूट्यूब वीडियो डॉक्यूमेंट्री में अपनी डाइट का खुलासा किया था. स्पैनिश मीडिया आउटलेट Hola! के मुताबिक, एक प्रोफेशनल फुटबॉलर की शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वह हर रोज 6,000 से ज्यादा कैलोरी लेते हैं.

  • सुबह की शुरुआत: हालैंड सुबह सबसे पहले खुली हवा में सूरज की रोशनी लेते हैं. इसके बाद वह कॉफी में कच्चा दूध और थोड़ा सा मेपल सिरप मिलाकर पीते हैं. उनका मानना है कि सही तरीके से बनी कॉफी एक सुपरफूड है और कच्चा दूध पेट, हड्डियों, मांसपेशियों और त्वचा के लिए फायदेमंद होता है.
  • नाश्ता: नाश्ते में वह ताजे खट्टे आटे की ब्रेड के साथ हाफ फ्राई अंडे खाते हैं.
  • गाय का दिल और लीवर: हालैंड अपनी डाइट में गाय के दिल और लीवर को खास तरजीह देते हैं. उनका मानना है कि ये उनके शरीर को तेजी से रिकवर करने में मदद करते हैं.
  • घास खाने वाले जानवरों का मांस: वह स्थानीय फार्म से भारी मात्रा में बीफ खरीदते हैं. वह इसे घर पर नमक और काली मिर्च के साथ तेज आंच पर पकाते हैं ताकि बाहर एक क्रिस्पी परत बन सके.
  • चीट मील्स और स्थानीय शहद: हालैंड स्थानीय फार्म से शहद खरीदते हैं. हालांकि, जब वह अपने होमटाउन जाते हैं, तो कभीकभी चाइनीज फूड और अपने पसंदीदा टेकअवे रेस्तरां ‘यमी टाइम’ से कबाब पिज्जा भी खाते हैं.

अमेरिकी हेल्थ इन्फ्लुएंसर ने क्या कहा?

हालैंड के इस वीडियो की अमेरिकी हेल्थ इन्फ्लुएंसर पॉल सलादीनो ने समीक्षा की. उन्होंने हालैंड के पारंपरिक खानपान की तारीफ करते हुए उन्हें वाइकिंग करार दिया.

  • कच्चा दूध और शहद: सलादीनो ने कहा कि अध्ययन बताते हैं कि कच्चे दूध के सेवन से सांस के संक्रमण, अस्थमा, एग्जिमा और एलर्जी का खतरा कम होता है.
  • अंडे और ब्रेड: अंडे में प्रोटीन और फैटसॉल्युबल विटामिन भरपूर होते हैं. वहीं, खमीर उठने की प्रक्रिया के कारण ‘सावरडो ब्रेड’ को पचाना अन्य ब्रेड की तुलना में आसान होता है.
  • एनिमल फैट के फायदे: घास पर पले जानवरों के मांस से विटामिन A, E और K2 मिलता है. बचपन में विटामिन K2 का सेवन हड्डियों के ग्रोथ प्लेट्स को लंबे समय तक खुला रखने में मदद कर सकता है, जिससे लंबाई अच्छी बढ़ती है.

रोनाल्डो से मिली प्रेरणा

हालैंड के पिता अल्फइंगे हालैंड ने 2019 में ESPN को बताया था कि उनके बेटे ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की डाइट से प्रेरणा ली है. मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व डिफेंडर पेट्रिस एवरा ने एक बार रोनाल्डो के साथ लंच का किस्सा सुनाया था, जिसमें रोनाल्डो ने खुद को 30 की उम्र के बाद भी फिट रखने के लिए सिर्फ मछली खाई थी. इसी से प्रेरित होकर हालैंड ने अपने लिए एक पर्सनल शेफ रखा. हालैंड की भारीभरकम खुराक को देखकर नॉर्वे टीम के उनके पूर्व साथी खिलाड़ी जोश किंग ने उन्हें भालू तक कह दिया था.

आम लोग क्यों न करें इस डाइट की नकल?

मेडिकल एक्सपर्ट्स का स्पष्ट कहना है कि हालैंड एक एलीट एथलीट हैं, जो रोजाना कई घंटे अत्यधिक शारीरिक मेहनत करते हैं. एक आम इंसान के लिए यह डाइट जानलेवा हो सकती है.

कैलोरी और प्रोटीन का गणित

एक आम वयस्क को दिन भर में अपनी उम्र और गतिविधि के हिसाब से केवल 1,800 से 2,400 कैलोरी की जरूरत होती है. 6,000 कैलोरी आम आदमी के लिए खतरनाक हो सकती है. आम लोगों के लिए एक संतुलित आहार ही काफी है. भारी मात्रा में रेड मीट या ऑर्गन मीट हर किसी को सूट नहीं करता. डॉक्टर भारत में कच्चा दूध पीने की बिल्कुल सलाह नहीं देते. इसमें खतरनाक बैक्टीरिया होने का खतरा रहता है, जो विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है.

हालैंड का सिद्धांत जिसे हर कोई अपना सकता है

न्यूट्रिशनिस्ट्स के मुताबिक, हमें हालैंड की कैलोरी नहीं, बल्कि उनकी फूड फिलॉसफी को अपनाना चाहिए.

  • न्यूनतम प्रोसेस्ड फूड: घर का बना ताजा खाना खाएं, जिस पर सामग्री और पकाने के तरीके का पूरा नियंत्रण हो. अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड्स आंतों की सेहत बिगाड़ते हैं, सूजन और पुरानी बीमारियों को जन्म देते हैं.
  • फर्मेंटेड फूड्स : यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं.
  • बोन ब्रोथ रोज जरूरी नहीं: हड्डी का सूप फायदेमंद है, लेकिन इसे रोज पीने की जरूरत नहीं है.

हालैंड की डाइट के स्वस्थ भारतीय विकल्प

अगर आप हालैंड जैसी न्यूट्रिशन से भरपूर डाइट लेना चाहते हैं, तो महंगे और विदेशी फूड्स की जगह इन स्थानीय भारतीय विकल्पों को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं.

विदेशी/हालैंड डाइट स्वस्थ भारतीय विकल्प इसके फायदे
सफेद चावल या रिफाइंड अनाज अनपॉलिश्ड चावल, बाजरा, रागी, जौ और साबुत गेहूं फाइबर से भरपूर, ब्लड शुगर नियंत्रित रखता है
सावरडो ब्रेड इडली, डोसा और ढोकला पारंपरिक रूप से फर्मेंटेड , पचाने में बेहद आसान
विदेशी या महंगे फल आंवला, अमरूद और जामुन विटामिनC और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन सोर्स
विदेशी पत्तेदार सब्जियां सहजन के पत्ते और स्थानीय हरी सब्जियां आयरन, कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का पावरहाउस
पैकेट बंद स्नैक्स भुने हुए मखाने और मूंगफली हेल्दी फैट्स और प्लांटबेस्ड प्रोटीन
रोजाना भारी ऑर्गन मीट रोजाना 1 अंडा, हफ्ते में 2 बार समुद्री मछली, हल्दी सुरक्षित मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा3 और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण

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