
उज्जैन |30 अक्टूबर 2026| मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित ‘खड़े हनुमान’ मंदिर का मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, एसडीएम एलएन गर्ग के नेतृत्व में नगर निगम, पुलिस प्रशासन और भोपाल से आई आठ सदस्यीय टीम सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 12:30 बजे मंदिर पहुंची। टीम ने करीब 2 बजे तक प्रतिमा की स्क्रीनिंग की और उसकी गहराई और मजबूती की जांच की। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जांच के समय पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जांच के समय और तरीके को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। साथ ही, जांच के समय मशीन खराब हो जाने की भी चर्चा सामने आ रही है। हालांकि, मशीन खराब होने के कारण और जांच के नतीजों की कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
वायरल वीडियो पर चर्चा
वायरल वीडियो में मशीन खराब होने की चर्चा को कुछ श्रद्धालु चमत्कार से जोड़ रहे हैं लेकिन मशीन में तकनीकी खराबी आना किसी भी चमत्कार का प्रमाण नहीं हैं। जांच की वास्तविकता जानने के लए प्रशासन की आधिकारिक जानकारी और तकनीकी रिपोर्ट ही महत्वपूर्ण (Important) होगी।
विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी पार्षद ने खड़े किए सवाल
मंदिर में हुई इस कार्रवाई को लेकर हिंदू संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की है। इस मामले में VHP और बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना ने कहा कि प्रशासन यह स्पष्ट करें कि वह खड़े हनुमान को भगवान मानते है या नहीं। वहीं, उन्होंने सवाल उठाया है कि जिस समय मंदिर में आम जनता, साधु-संत और पुजारी तक का प्रवेश मना होता है, उस समय क्यों यह जांच की गई।
वहीं, भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने भी जांच के समय पर सवाल खड़े किए है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि दिन में भी यह स्कीनिंग पूरी की जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
‘खड़े हनुमान’ मंदिर में की गई स्क्रीनिंग के बाद अब सभी की नजरें स्क्रीनिंग रिपोर्ट और प्रशासन के जवाब पर टिकी हुई है। साथ ही, लोग इस बात का भी इंतजार कर रहे है कि आखिर मशीन खराब होने वाली बात में कितनी सच्चाई है और अगर मशीन खराब हुई थी तो इसके पीछे की वजह क्या है?



