Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान राशि की गिनती और बैंक में जमा कराने की पूरी व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, जिन नियमों का पालन पहले केवल कागजों तक सीमित था, अब उन्हें सख्ती से लागू किया जा रहा है. ट्रस्ट ने सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके.

सूत्रों के अनुसार, अब दानपात्र से लेकर काउंटिंग रूम तक प्रवेश करने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं. एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर फ्रिस्किंग शुरू कर दी गई है. कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही काउंटिंग प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति होगी. इसके अलावा किसी भी कर्मचारी को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पर्स या बैग लेकर अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी.

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काउंटिंग व्यवस्था में हुए ये निम्न बदलाव…

  • 1 एंट्री/एग्जिट पॉइंट पर फ्रिस्किंग शुरू की गई है.
  • 2 बिना जेब वाले कपड़ों में ही दानपात्र से लेकर काउंटिंग रूम तक में एंट्री.
  • 3 कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पर्स या बैग की एंट्री नहीं.
  • 4 CCTV फुटेज 180 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि पहले यह अवधि सिर्फ 45 दिन थी.
  • 5 कैश बॉक्स में अब डबल लॉक के बाद बैंक पहुंचेगा पैसा, दोनों चाबियां दो अलग लोगों के पास होंगी.
  • 6 दानपात्र खोलने से लेकर नकदी गिनती तक पूरी प्रक्रिया कैमरे में कैद रहेगी.
  • 7 CCTV निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम में भी बदलाव किया गया है.
  • 8 ट्रस्ट की ओर से निगरानी करने वाले कर्मचारियों में भी बदलाव किया गया है.

SIT को समझाई गई पूरी प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार, राम मंदिर में कैश गिनने और बैंक तक पहुंचाने वाले कर्मचारियों ने विशेष जांच दल को पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि बैंक शाखा स्तर पर कर्मचारियों से किसी तरह की औपचारिक पूछताछ नहीं की गई है.

ऐसे होती है चढ़ावे की गिनती

राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे को जमा करने के लिए कई कैश काउंटर बनाए गए हैं. मंदिर में भारतीय स्टेट बैंक के कुल आठ कर्मचारी शिफ्ट के आधार पर तैनात रहते हैं. रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक नकदी गिनने का काम चलता है. हर शिफ्ट में दो SBI कर्मचारी और ट्रस्ट के दो कर्मचारी मिलकर मशीनों की मदद से नकदी की गिनती करते हैं. दोपहर में गिना गया कैश बैंक शाखा में जमा करा दिया जाता है. पूरी प्रक्रिया CCTV निगरानी में संपन्न होती है.

रोज 15 से 20 लाख रुपए तक जमा

सूत्रों के अनुसार, सामान्य दिनों में मंदिर से प्रतिदिन करीब 15 से 20 लाख रुपये नकद बैंक में जमा होते हैं. छुट्टियों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह राशि काफी अधिक हो जाती है. बताया गया है कि मंदिर में तैनात बैंक कर्मचारी अधिकारी स्तर के नहीं, बल्कि क्लेरिकल स्टाफ हैं. ये कर्मचारी पिछले लगभग दो वर्षों से अयोध्या शाखा में कार्यरत हैं और फिलहाल मंदिर में तैनात वही स्टाफ अपनी ड्यूटी पर बना हुआ है. किसी कर्मचारी को बदला नहीं गया है.

सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि SBI की भूमिका केवल नकदी जमा कराने तक सीमित है. मंदिर में आने वाली ज्वेलरी, सोनाचांदी या अन्य दान सामग्री के प्रबंधन से बैंक का कोई संबंध नहीं है. मंदिर के अलगअलग काउंटरों से दोदो कर्मचारी नकदी एकत्र करते हैं और फिर ट्रस्ट कर्मचारियों के साथ मिलकर उसकी गिनती की जाती है. राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद किए गए इन बदलावों को पारदर्शिता बढ़ाने और श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.