मानसून के कारण मौसम में जरा भी ठंडक होती है तो ज्यादातर भारतीय घरों में ठंडा पानी पीना बंद कर दिया जाता है. लोग मानते हैं कि इससे जुकाम के होने का खतरा रहता है. खासतौर पर बच्चे जल्दी इसकी चपेट में आते हैं. क्या ठंडा पानी सच में जुकाम का कारण बनता है, एक्सपर्ट से समझें.

जुकाम आखिर क्यों होता है जुकाम एक वायरल इंफेक्शन है, जो नाक, गला और ऊपर के सांस लेने के तंत्र की अंदरूनी परत पर असर डालता है. कहते हैं कि इसके लिए 200 से ज्यादा वायरस जिम्मेदार हो सकते हैं और इनमें Rhinovirus सबसे प्रमुख कारण है. वायरस की वजह से जुकाम के लक्षण होने लगते हैं.
ठंडे पानी से जुकाम होता है डॉ. अनिल गोम्बर का कहना है कि ठंडा पानी पीने से सीधे तौर पर जुकाम नहीं होता. सामान्य सर्दीजुकाम मुख्य रूप से वायरस के संक्रमण के कारण होता है. हेल्दी इंसान नॉर्मल सिचुएशन में अपनी पसंद के तापमान का पानी पी सकता है.
कब पहुंचाता है नुकसान एक्सपर्ट कहते हैं कि बहुत ठंडा पानी कुछ लोगों में गले में असहजता, खराश या सेंसिटिविटी बढ़ा सकता है, खासकर यदि पहले से गले में संक्रमण या एलर्जी की समस्या हो. इसलिए ठंडे पानी को जुकाम का सीधा कारण मानना सही नहीं है.
ऐसे करें बचाव जुकाम से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचना, पर्याप्त नींद लेना और संतुलित आहार लेना अधिक महत्वपूर्ण है. अगर सर्दीजुकाम के साथ तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.



