Lucknow Murder Case : लखनऊ के गोमतीनगर में ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की हत्या के बाद मामला लगातार उलझता जा रहा है। पत्नी की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले मानस वाजपेयी के WhatsApp स्टेटस में दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और भरत का नाम लेते हुए दावा किया गया था कि उन्हें सब कुछ पता था। अब प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस दावे पर अपनी बात रखी है।

प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें अपनी बहन के साथ हो रही कथित ज्यादतियों की जानकारी थी, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि दिव्या लंबे समय से अपने पति से अलग होना चाहती थी और उसने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई परेशानियां उनके साथ साझा की थीं।
‘हां, मुझे पता था कि मेरी बहन के साथ क्रूरता होती थी’
आज दिव्या का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया सुबह 910 बजे का वक्त दिया गया है…मम्मी को अब भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई..दिव्या की हालत क्रिटिकल है ये झूठ बताकर बगल में सुला दिया है..पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है…वो पोस्टमॉर्मट हाउस के फ्रीजर में है..ये सच… pic.twitter.com/YLC0WYDqB7
— Pragya Mishra August 20, 2026
प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या ने उन्हें बताया था कि उसका पति छोटीछोटी बातों पर उसके साथ मारपीट करता था। उन्होंने दावा किया कि घरेलू सामान से जुड़ी मामूली बातों पर भी दिव्या को प्रताड़ित किया जाता था। प्रज्ञा ने यह भी कहा कि दिव्या ने अपने पति और ससुराल से जुड़े कई विवादों के बारे में उन्हें बताया था।
उन्होंने बताया कि दिव्या अपने पति से अलग होना चाहती थी और फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग के दौरान भी विवाद की स्थिति बनी थी। प्रज्ञा के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों में ही दोनों के बीच घर के खर्च को लेकर बातचीत हुई थी और दिव्या कुछ समय तक अपने हिस्से का खर्च उठाती रही थी।
प्रज्ञा ने कहा कि उनकी बहन ने अपने पति को ‘साइको’ बताया था, लेकिन उन्हें कभी यह अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी भयावह हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि तमाम परेशानियों के बावजूद दिव्या चाहती थी कि उसका वैवाहिक जीवन किसी तरह ठीक हो जाए।
हादसे के बाद भी काम पर लौट गई थी दिव्या
प्रज्ञा ने बताया कि दिव्या कथित तौर पर लंबे समय से तनाव में थी और उसका पति पहले भी उसका पीछा कर चुका था। कुछ समय पहले दिव्या का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिसमें उसके हाथ और पैर में चोट आई थी। करीब डेढ़ से दो महीने बाद उसने दोबारा ऑफिस जाना शुरू किया था।
प्रज्ञा के मुताबिक, चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई थी और दिव्या अब भी लंगड़ाकर चलती थी। हत्या वाले दिन भी जब वह घर से निकली, तब उसकी चाल में चोट का असर नजर आ रहा था।
‘मां को बेटी की मौत की खबर देना सबसे मुश्किल था’
बहन की हत्या के बाद प्रज्ञा ने बताया कि परिवार के लिए सबसे कठिन पल अपनी मां को यह खबर देना था। पोस्टमार्टम के लिए दिव्या का शव रखा गया था, लेकिन परिवार समझ नहीं पा रहा था कि मां को यह सच्चाई कैसे बताई जाए।
प्रज्ञा के मुताबिक, शुरुआत में मां को बताया गया कि दिव्या की हालत गंभीर है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। असल में उस समय दिव्या की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि किसी मां को उसकी बेटी की मौत की खबर देना उनके जीवन के सबसे कठिन क्षणों में से एक था।
CCTV फुटेज को लेकर प्रज्ञा ने उठाए सवाल
प्रज्ञा ने घटना की जांच को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैंक के बाहर लगे CCTV फुटेज में दिव्या और आरोपी की गतिविधियां दिखाई देती हैं। उन्होंने सवाल किया कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और उसे हथियार किसने उपलब्ध कराया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर आरोपी कार नहीं चला सकता था, तो वह वारदात वाली जगह तक कैसे पहुंचा और वहां से कैसे निकला। प्रज्ञा के मुताबिक, अगर वह ऑटो से आया और ऑटो से ही फरार हुआ तो पुलिस को ऑटो और उसके चालक के बारे में भी जानकारी जुटानी चाहिए।
प्रज्ञा ने कहा कि कम से कम तीन CCTV फुटेज पुलिस के सामने हैं। एक फुटेज में दिव्या घर से निकलती दिखती है, जबकि दूसरे में वह आरोपी के साथ संघर्ष करती नजर आती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि इन सभी फुटेज को जोड़कर घटना से पहले और बाद की पूरी कड़ी सामने आ सकती है। हालांकि, इन सवालों का सही जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
‘मेरी पत्रकारिता को बहन की हत्या से जोड़कर न देखें’
प्रज्ञा ने अपनी पत्रकारिता को लेकर भी सोशल मीडिया पोस्ट में सफाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी बहन की हत्या के मामले में राजनीति तलाश रहे हैं। प्रज्ञा ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक पत्रकारिता की है और अपने विचारों को लेकर हमेशा बेबाक रही हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके पेशे और पत्रकारिता को उनकी बहन की हत्या से जोड़कर न देखा जाए। उनका कहना है कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस दुखद घटना को व्यक्तिगत या राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
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बैंक के बाहर हुई थी दिव्या की हत्या
यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में हुई थी। दिव्या मिश्रा की बैंक के बाहर उनके पति मानस उर्फ मानव वाजपेयी ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। मामले में हत्या, आरोपी के WhatsApp स्टेटस और अब दिव्या की बहन के बयान के बाद जांच के कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मामले से जुड़े बाकी सवालों का जवाब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
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