Surat News: खबर गुजरात के सूरत से है. पांडेसरा इलाके में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. SOG और जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक साथ छापेमारी कर 16 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी मेडिकल डिग्री के केवल 10वीं, 12वीं, BA और B.Sc पास ये झोलाछाप डॉक्टर पिछले 20 से 33 सालों से गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे. पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं और चिकित्सा उपकरण जब्त किए हैं.

सूरत एसओजी के पीआई एस. सोनारा को गुप्त सूचना मिली थी कि पांडेसरा इलाके में बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्टर सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच अपने क्लिनिक खोलकर मरीजों का अवैध इलाज कर रहे हैं. सूचना की सत्यता जांचने के लिए एसओजी की टीम ने संदिग्ध क्लिनिकों पर फर्जी मरीज बनाकर भेजे. सूचना की पुष्टि होते ही मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल बी. पटेल की टीम और SOG ने सुबहसुबह पांडेसरा के विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की और 16 फर्जी डॉक्टरों को रंगे हाथों धर दबोचा.
जमीन और बिना बिस्तर के बेड पर ग्लूकोज
छापेमारी के दौरान जो खौफनाक मंजर सामने आया, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए. क्लिनिकों के भीतर गरीब और बेबस मरीजों को साधारण लकड़ी की पलंगों पर बिना किसी तकिए या गद्दे के लिटाकर ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई जा रही थीं. क्लिनिक के अंदर और आसपास डिस्पोजेबल प्लास्टिक की थैलियों में इस्तेमाल की गई इस्तेमालशुदा बोतलें, सीरिंज और खतरनाक चिकित्सा कचरे के ढेर पड़े हुए थे, जिससे संक्रमण फैलने का भारी खतरा बना हुआ था.
| आरोपी | शिक्षा | क्लिनिक |
| महेंद्र सिंह यादव | बीए ऑनर्स | भारत क्लिनिक |
| परितोष रॉय | 10वीं | प्रोबीर क्लिनिक |
| आलोक सिंह | बीएससी | नवदीप क्लिनिक |
| अजीत कुमार सिंह | बीए | प्रतिमा क्लिनिक |
| जितेंद्र वर्मा | 10वीं | गुरुकृपा क्लिनिक |
| गौतम प्रसाद | 12वीं | — |
| पलाश भक्ता | 12वीं | राधा क्लिनिक |
| महेश्वर विश्वास | 12वीं | साई क्लिनिक |
| सत्येंद्र यादव | 12वीं | नारायण क्लिनिक |
| सुरेंद्र प्रसाद मेहता | बीएससी | मेहता क्लिनिक |
| सुनीतिकुमार बिश्वास | 12वीं | सुरेंद्र क्लिनिक |
| संजीतकुमार सिंह | 12वीं | श्रीकृष्ण क्लिनिक |
| सियाराम मौर्य | 12वीं | साई धाम क्लिनिक |
| विनोद बिश्वास | 12वीं | चांदसी क्लिनिक |
| सदाम बनखान | 12वीं | नीर क्लिनिक |
| कपिल कुमार वर्मा | 10वीं | फ्री सेवा सदन |
33 साल से क्लिनिक चला रहा था 10वीं पास
पकड़े गए आरोपियों में से कई ऐसे शातिर हैं जो पहले भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, लेकिन छूटने के बाद दोबारा दुकान चलाने लगते थे.
कपिल कुमार वर्मा : फ्री सेवा सदन चलाने वाला आरोपी केवल 10वीं पास है और पिछले 33 वर्षों से अलगअलग इलाकों में क्लिनिक चला रहा था.
विनोद बिश्वास : ये आरोपी पिछले तीन दशकों से एलोपैथिक दवाएं दे रहा था. इसे वर्ष 2008 में भी फर्जी डॉक्टरी के आरोप में पकड़ा गया था.
सियाराम मौर्य : ये आरोपी 24 वर्षों से प्रैक्टिस कर रहा था. इसे वर्ष 2002 में भी पांडेसरा से गिरफ्तार किया जा चुका था.
सदाम बनखान: इस आरोपी को भी पूर्व में SOG द्वारा फर्जी डॉक्टरी के मामले में पकड़ा जा चुका है.
1.82 लाख का सामान जब्त
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी 16 क्लिनिकों को सील कर दिया है. छापेमारी के दौरान एलोपैथिक दवाइयां, एंटीबायोटिक्स, इंजेक्शन, कफ सिरप और मेडिकल डिवाइस सहित कुल 1,82,444 रुपये का सामान जब्त किया गया है. सभी 16 आरोपियों के खिलाफ पांडेसरा थाने में विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी की टीम इन सभी झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ गुजरात क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत भी अलग से सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करेगी.



