crime new

उत्तर प्रदेश में 21 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवती पिछले कई महीनों से अपने प्रेमी के साथ रह रही थी। अब उसकी मौत के बाद परिजनों ने प्रेमी पर दुष्कर्म, मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि आरोपी की प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

प्रेम संबंध के बाद प्रेमी के साथ रहने लगी थी युवती

जानकारी के मुताबिक, 21 वर्षीय मानसी की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। कुछ समय बाद सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात मनीष यादव नाम के युवक से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे प्रेम संबंध बन गए। करीब छह महीने पहले मानसी अपने मायके आई थी, जहां से वह परिवार को बिना बताए मनीष के साथ चली गई।

परिजनों ने बेटी के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद मानसी खुद थाने पहुंची और अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहने की बात कही। इसके बाद वह मनीष के साथ चली गई और परिवार से उसका संपर्क लगभग खत्म हो गया।

अस्पताल में मिला युवती का शव

परिजनों के मुताबिक, एक दिन पुलिस का फोन आया कि मानसी की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें बेटी का शव मिला। यह देखकर परिवार में कोहराम मच गया।

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि मनीष ने मानसी के साथ जबरदस्ती की और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि इस प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस जांच कर रही है।

फोन पर कजिन को बताई थी प्रताड़ना की बात

मानसी की मौसी ने बताया कि कुछ समय पहले उसने अपनी कजिन से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान वह रोते हुए कह रही थी कि मनीष उसके साथ मारपीट करता है और उसे घर से बाहर नहीं जाने देता। वह अपनी परेशानी के बारे में आगे कुछ बताती, इससे पहले ही मनीष ने फोन छीनकर कॉल काट दी थी। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया।

पुलिस ने पांच टीमें गठित कर शुरू की तलाश

मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मनीष यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, परिजनों के गंभीर आरोपों को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के दौरान किसी तरह की आशंका को देखते हुए विसरा सुरक्षित रखा है, ताकि जहरीले पदार्थ की पुष्टि हो सके। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। आरोपी का मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है।