जब भी हम कार की कीमत की बात करते हैं, तो सबसे पहले उसके इंजन, माइलेज, फीचर्स, डिजाइन और परफॉर्मेंस का ख्याल आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी कार की कीमत सिर्फ इन चीजों की वजह से नहीं होती? दरअसल, एक कार में सोना , चांदी , प्लैटिनम, पैलेडियम, रोडियम, इरिडियम, कॉपर और लिथियम जैसी कई कीमती धातुओं का भी इस्तेमाल किया जाता है.

यही वजह है कि पुरानी और स्क्रैप कारों की भी अच्छी कीमत मिल जाती है. इन धातुओं की मदद से कार ज्यादा सुरक्षित, मजबूत, कम प्रदूषण फैलाने वाली और तकनीकी रूप से बेहतर बनती है. हालांकि, धातुओं की मात्रा कार की कंपनी और मॉडल के हिसाब से कम ज्यादा हो सकती है.
कैटेलिटिक कन्वर्टर में सबसे ज्यादा कीमती धातुएं
कार के एग्जॉस्ट सिस्टम में लगा कैटेलिटिक कन्वर्टर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसमें प्लैटिनम, पैलेडियम और रोडियम जैसी महंगी धातुएं होती हैं. इनका काम इंजन से निकलने वाली जहरीली गैसों को कम नुकसानदायक गैसों में बदलना है. इससे वायु प्रदूषण काफी कम होता है और वाहन प्रदूषण मानकों का पालन कर पाता है.
स्पार्क प्लग में भी होती हैं महंगी धातुएं
कार के स्पार्क प्लग में प्लैटिनम और इरिडियम का इस्तेमाल किया जाता है. ये धातुएं बहुत ज्यादा तापमान भी आसानी से सहन कर लेती हैं और जल्दी खराब नहीं होतीं. इसी वजह से इंजन आसानी से स्टार्ट होता है, बेहतर परफॉर्मेंस देता है और ईंधन की बचत भी होती है. साथ ही स्पार्क प्लग लंबे समय तक चलते हैं, जिससे मेंटेनेंस का खर्च कम हो जाता है. हालांकि, आम करों में कॉपर या अन्य धातुओं का मिलता है, लेकिन महंगी और लग्जरी कारों में प्लैटिनम और इरिडियम का इस्तेमाल होता है.
कार के ‘दिमाग’ में भी सोनाचांदी
आज की आधुनिक कारों में इंजन कंट्रोल यूनिट होती है, जिसे कार का दिमाग कहा जाता है. यह इंजन, ईंधन की खपत और कई जरूरी सिस्टम को कंट्रोल करती है. ECU के माइक्रोचिप और सर्किट बोर्ड में सोना और चांदी का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि ये बिजली के सबसे अच्छे कंडक्टर हैं और इनमें जंग भी नहीं लगती. इससे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लंबे समय तक सही तरीके से काम करते हैं.
कार के इलेक्ट्रॉनिक्स में भी छिपा होता है गोल्ड
आज की कारों में टचस्क्रीन, इंफोटेनमेंट सिस्टम, GPS, म्यूजिक सिस्टम, कैमरा और कनेक्टिविटी फीचर्स दिए जाते हैं. इन सभी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के सर्किट और कनेक्टर में सोना, चांदी और कॉपर का इस्तेमाल होता है, जिससे बिजली का प्रवाह बेहतर बना रहता है और सिस्टम बिना रुकावट काम करते हैं.
सुरक्षा सिस्टम में भी होती हैं कीमती धातुएं
कार के एयरबैग, ABS, पार्किंग सेंसर, रडार और दूसरे सेफ्टी फीचर्स में भी सोना और चांदी जैसी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है. इनकी मदद से सेंसर तेजी और सटीकता से काम करते हैं. अगर दुर्घटना होती है तो एयरबैग सही समय पर खुलते हैं और ABS ब्रेक को लॉक होने से बचाता है.



