दिवाली के लिए अभी से ट्रेनों में नहीं मिल रही सीट? रेलवे ने की 600 फेरों की घोषणा, कहां से कहां तक चलेंगे ट्रेनें

Diwali Special Train: दिवाली के मौके पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है. जिसकी वजह से त्योहारी सीजन में घर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सुबह बुकिंग खुलते ही कुछ सेकेंड के अंदर ही अधिकांश ट्रेनों की टिकट बुक हो जा रही है. इनमें से यात्रियों को केवल वेटिंग में टिकट मिल रहा है, जबकि कुछ गाड़ियों में वेटिंग लिस्ट टिकट बंद हो गई है.

वहीं दूसरी तरफ देखें तो हवाई जहाज का किराया आसमान छु रहा है. अभी से विमान कंपनियों ने दिवाली के पास किराया डेढ़ से 2 गुना बढ़ा दिया है.

रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा?

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए वह बीते वर्ष से भी अधिक स्पेशल ट्रेने चलाएंगे, इनमें से लगभग 600 फेरों की घोषणा की जा चुकी है. हर साल दिवाली और छठ के अवसर पर दिल्ली के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से लाखों यात्री अपने गांवों के लिए सफर करते हैं. इसके लिए दो माह पहले ही अधिकांश गाड़ियों में टिकट बुक हो जाती है.

During the upcoming festival season, Railways have decided to run the following #FestivalSpecialTrains as per the details given below: pic.twitter.com/7vD00gz2sI

— DLI Division NR (@drm_dli) September 6, 2026

अधिकांश गाड़ियों में नहीं मिल रही टिकट

दिल्ली से पटना, बनारस, दरभंगा, जयनगर, प्रयागराज, रांची आदि जगह जाने वाली अधिकांश गाड़ियों में दो माह पहले ही टिकट बुक हो चुकी हैं. सोमवार सुबह 6 नवंबर के लिए टिकट की बुकिंग खुली जो कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बुक हो गई. संपूर्ण क्रांति एक्प्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और वंदेभारत में भी 4 से 6 नवंबर तक यूपी और बिहार जाने के लिए सीट उपलब्ध नहीं है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 8 नवंबर को दीपावली पर घर जाने वाले अधिकांश यात्री 6 नवंबर से पहले ही जाएंगे ताकि वह त्योहार पर 7 नवंबर को अपने घर पहुंच सकें. इसलिए जिन यात्रियों को टिकट नहीं मिली, उन्हें स्पेशल ट्रेनों का ही सहारा है.

बीते वर्ष त्योहारों के मौके पर उत्तर रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों से लगभग 5400 फेरे लगाए गए थे, जो इस वर्ष लगभग 6 हजार तक रहने का अनुमान है. रेलवे द्वारा बनारस, अयोध्या कैंट, पटना, दरभंगा, बरौनी, सहरसा, प्रयागराज, जोगबनी, भागलपुर आदि स्टेशनों के लिए सबसे ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है.