भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी ने उनकी गेंदबाजी की जमकर तारीफ की है। जैकब डफी ने साफ कहा कि भुवनेश्वर दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी में जो कौशल है, वह उन्हें बेहद खास बनाता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में भुवनेश्वर के साथ खेल चुके डफी ने उनकी उन खूबियों का जिक्र किया, जिनकी मदद से वह अनुभवी बल्लेबाजों को भी परेशान कर सकते हैं।

भुवनेश्वर की रफ्तार नहीं, उनका हुनर है सबसे बड़ी ताकत

जैकब डफी ने भुवनेश्वर कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि वह भले ही दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन बेहद कुशल गेंदबाज हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता और सही लाइनलेंथ पर लगातार गेंदबाजी करना है।

जैकब डफी के मुताबिक, भुवनेश्वर बल्लेबाजों की कमजोरी को अच्छी तरह समझते हैं और उसी के अनुसार अपनी गेंदबाजी में बदलाव करते हैं। यही वजह है कि उनकी गेंदों का सामना करना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होता। तेज रफ्तार के बजाय सटीकता, स्विंग और गेंदबाजी में विविधता उन्हें प्रभावी बनाती है।

आईपीएल में साथ खेलकर Jacob Duffy ने सीखा गेंदबाजी का हुनर

जैकब डफी और भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से साथ खेला था। इस दौरान डफी को भारतीय गेंदबाज के अनुभव और कौशल को करीब से देखने का मौका मिला।

भुवनेश्वर ने आईपीएल 2026 में 16 मुकाबलों में 28 विकेट हासिल किए थे और वह टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल रहे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जैकब डफी ने भुवनेश्वर और कगिसो रबाडा को उस सीजन के बेहतरीन गेंदबाजों में गिना। उन्होंने भारतीय परिस्थितियों में गेंदबाजी को चुनौतीपूर्ण बताते हुए भुवनेश्वर के प्रदर्शन की सराहना की।

चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी, अब न्यूजीलैंड की चुनौती

भुवनेश्वर कुमार ने 2022 के टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला था। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है।

22 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस सीरीज में भुवनेश्वर के अनुभव की अहम भूमिका हो सकती है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में स्विंग और सही लाइनलेंथ उनकी ताकत साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद अपने प्रदर्शन से कितना प्रभाव छोड़ते हैं।