उत्तर प्रदेश एंटीटेररिस्ट स्क्वाड ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले एक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. ATS के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान में मौजूद ISI एजेंट के सीधे संपर्क में था और उसके कहने पर भारतविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. जांच में पता चला है कि आरोपी एक जानकारी देने के 5 हजार रुपये मिलते थे. फिलहाल ATS आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है.

ATS ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलरामपुर जिले के रामवापुर पुलिस स्टेशन इलाके के जानुई गांव के रहने वाले शहरोज अहमद के रूप में हुई है. जांच में पता चला कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में मौजूद ISI एजेंट जसवीर चौधरी के संपर्क में था. जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी को भारतविरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को भर्ती करने, संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने और आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम सौंपा गया था.

सोशल मीडिया पर करता था देशविरोधी प्रचार

आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह राजस्थान के श्री गंगानगर गया था, जहां उसे हथियार और विस्फोटक सामग्री दी गई थी. इसके बाद वह मुंबई गया, लेकिन वहां उसे कोई कामयाबी नहीं मिली. ATS का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया पर देशविरोधी प्रचार भी करता था और लोगों को एन्क्रिप्टेड ऐप्स डाउनलोड करने के लिए उकसाता था.

हर एक जानकारी के मिलते थे 5 हजार

जांच में यह भी पता चला कि इन गतिविधियों के लिए उसे प्रति व्यक्ति ₹5,000 तक मिलते थे. आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस मामले में ATS ने बलरामपुर में औपचारिक शिकायत दर्ज की है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

शहरोज कैसे बना ISI का जासूस?

जांच करने पर पता चला है कि शहरोज अहमद ISI एजेंट जसवीर चौधरी से फेसबुक के जरिये संपर्क में आया था, जिसके बाद विभिन्न सोशल मीडिया के एनक्रिप्टेड मेसेजिंग एप जैसे व्हाट्सएप, मैसेंजर और सिग्नल पर भी जुड़कर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों मे शामिल हो गया. इसमें जसवीर उसकी हर तरह से मदद करने लगा. इसके बाद आरोपी भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी इकट्ठा उसे ISI को देने लगा.