दुनिया के सबसे बड़े दानवीरों की सूची में शुमार वॉरेन बफेट ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने कॉरपोरेट जगत को चौंका दिया है. बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफेट ने पिछले लगभग बीस सालों में पहली बार ‘गेट्स फाउंडेशन’ को दिए जाने वाले अपने सालाना अरबों डॉलर के भारीभरकम दान पर रोक लगा दी है. 95 वर्षीय बफेट फिलहाल संगठन के सहसंस्थापक बिल गेट्स तथा दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के पुराने संबंधों की चल रही बाहरी जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यही मुख्य कारण है कि उन्होंने साल के मध्य में दिए जाने वाले अपने पारंपरिक फंड को टाल दिया है. अब माना जा रहा है कि वह इस साल के अंत में अपने थैंक्सगिविंग लेटर के दौरान ही इस फैसले की समीक्षा करेंगे.

क्यों रुक गया अरबों डॉलर का फंड?
इसका सीधा तार जेफ्री एपस्टीन विवाद से जुड़ा है. इसी साल जनवरी तथा फरवरी के महीने में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज और ईमेल्स सार्वजनिक किए थे. इन फाइलों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि गेट्स फाउंडेशन के कर्मचारियों की एपस्टीन से बातचीत होती थी. इस खुलासे के बाद माइक्रोसॉफ्ट के सहसंस्थापक बिल गेट्स की साख को तगड़ा झटका लगा. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गेट्स फाउंडेशन के सीईओ मार्क सुजमैन ने एक स्वतंत्र बाहरी जांच का आदेश दिया था. इस जांच का मकसद यह समझना है कि अतीत में फाउंडेशन का एपस्टीन के साथ कितना जुड़ाव था. बफेट अब कोई भी नया दान देने से पहले इसी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो इसी गर्मी के मौसम में आ सकती है.
दो दिग्गज अरबपतियों की दोस्ती में आई दरार
इस विवाद का असर दोनों दिग्गजों के निजी संबंधों पर भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है. रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ महीनों में बफेट तथा बिल गेट्स के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. इस बात की पुष्टि इससे भी होती है कि इस साल बर्कशायर हैथवे की अहम सालाना शेयरधारकों की बैठक से बिल गेट्स ने पूरी तरह दूरी बनाए रखी. पिछले कई वर्षों में यह पहला मौका था जब गेट्स इस बैठक में नहीं पहुंचे. मार्च में दिए गए एक इंटरव्यू में वॉरेन बफेट ने खुद इस बात को माना था कि जब से अमेरिकी सरकार ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, तब से उनकी बिल गेट्स से कोई बातचीत नहीं हुई है. फिलहाल बफेट के करीबी लोग फाउंडेशन के सीईओ के लगातार संपर्क में हैं ताकि वे जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
चैरिटी के काम पर पड़ेगा कितना बड़ा असर?
यह कोई मामूली फंड नहीं है. इस पैसे से दुनियाभर में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक कल्याण के कई बड़े प्रोजेक्ट चलते हैं. वॉरेन बफेट गेट्स फाउंडेशन के सबसे बड़े दानदाता रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2006 से लेकर 2025 तक उन्होंने बर्कशायर हैथवे के करीब 47 से 48 अरब डॉलर के शेयर इस फाउंडेशन को सौंपे हैं. महज पिछले साल ही उनका दान 4.5 अरब डॉलर से ज्यादा का था. इतने बड़े फंड के रुकने से फाउंडेशन के राहत कार्यों की रफ्तार कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है. हालांकि, यह साफ कर दिया गया है कि बफेट के इस कदम का उनके खुद के पारिवारिक फाउंडेशन्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. उनके बच्चों की देखरेख में चलने वाले चैरिटी फंड्स तथा सुसान थॉम्पसन बफेट फाउंडेशन को सालाना मदद पहले की तरह ही मिलती रहेगी.
गंभीर आरोपों पर बिल गेट्स की सफाई
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में मौजूद 70 वर्षीय बिल गेट्स पर कानूनी रूप से किसी भी अपराध का आरोप नहीं लगा है. उन्होंने मीडिया के सामने कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट की है. गेट्स ने कहा है कि जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात करना उनकी एक बड़ी भूल थी, जिसका उन्हें बेहद अफसोस है. हालांकि, उन्होंने इस बात से कड़ाई से इनकार किया है कि उन्हें एपस्टीन के किसी भी आपराधिक काम की जानकारी थी. गेट्स का तर्क है कि उनके संबंध सिर्फ परोपकार के कार्यों तक ही सीमित थे. उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी एपस्टीन के यौन शोषण के पीड़ितों के साथ समय नहीं बिताया और न ही कभी उसका आपराधिक आचरण देखा.



