दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला एक बार फिर विवादों में है. टेस्ला की ‘ऑटोपायलट तकीनक’ पर सवाल उठे हैं. दरअसल, अमेरिका के टेक्सास में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद Tesla के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है. इस हादसे में 76 साल की मार्था एविला की मौत हो गई थी. हादसे में Tesla Model 3 कार उनके घर की दीवार तोड़कर अंदर घुस गई थी. कार चला रहे माइकल बटलर ने पुलिस को बताया कि दुर्घटना से पहले उन्होंने कार का ऑटोपायलट सिस्टम चालू किया था.

मृतका के परिवार ने Tesla पर आरोप लगाया है कि कंपनी के ऑटोपायलट और फुल सेल्फ ड्राइविंग सिस्टम में खामियां हैं और कंपनी ने ग्राहकों को इनके जोखिमों के बारे में सही जानकारी नहीं दी. परिवार ने 10 लाख डॉलर यानी करीब 8.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हर्जाने की मांग की है. हालांकि Tesla के CEO एलन मस्क ने कहा कि यह हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ है. FSD सिस्टम आमतौर पर रिहायशी इलाकों में धीमी गति से चलता है. कंपनी का दावा है कि ड्राइवर ने एक्सीलेरेटर को पूरी तरह दबाकर सिस्टम को मैन्युअली ओवरराइड किया था.
क्यों उठ रहा सवाल?
इस हादसे की जांच अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन कर रही है. एजेंसी 2016 से Tesla की एडवांस्ड ड्राइविंग तकनीक से जुड़े लगभग 50 हादसों की जांच कर चुकी है, जिनमें करीब दो दर्जन लोगों की मौत हुई है. हालांकि, टेस्ला अपने ऑटोपायलट सिस्टम को सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ी क्रांति बताती है. यह सिस्टम ड्राइवर की मदद के लिए स्टीयरिंग, एक्सेलरेशन और ब्रेकिंग जैसे काम संभाल सकता है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है और पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है. टेस्ला के विज्ञापनों और दावों से कुछ ड्राइवर जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी हो सकते हैं.
इंसानी निगरानी जरूरी
ऑटोपायलट कई ड्राइविंग काम कर सकता है, लेकिन टेस्ला बारबार कहती है कि ड्राइवर की निगरानी जरूरी है. ड्राइवर को हमेशा स्टीयरिंग पर हाथ रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत कंट्रोल संभालने के लिए तैयार रहना चाहिए. फिर भी कुछ लोग सिस्टम की क्षमताओं को गलत समझ लेते हैं, जिससे खतरनाक हालात पैदा हो सकते हैं क्योंकि वे समय पर हस्तक्षेप नहीं कर पाते.



