वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच अब समुद्र के खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट्स को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में हवाई हमला कर बोंजी डिसैलिनेशन प्लांट को तबाह कर दिया। इस हमले के बाद 20 गांवों के करीब 10 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

वहीं कुवैत ने कहा कि ईरान ने लगातार दूसरे दिन उसके पानी के प्लांट को निशान बनाया है। कुवैत में पीने का लगभग 90 प्रतिशत खारे पानी को मीठी बनाने की प्रक्रिया से मिलता है। कुवैत की तरफ से कहा गया है कि इसमें किसी भी तरह की रुकावट रेगिस्तान वाले छोटे से देश में जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

अमेरिकी एयरस्ट्राइक में चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान: अमेरिका की एयरस्ट्राइक में ईरान के चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा है। ईरान के मुताबिक, यह टावर पोर्ट पर व्यावसायिक जहाजों की निगरानी करता था।

चाबहार पोर्ट का भारत से जुड़ा टर्मिनल सुरक्षित: ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमले में भारत से जुड़े शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।

ईरान ने लोगों से बिजली बचाने की अपील की: ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके बिजली ढांचे को निशाना बनाया गया है। इसके बाद सरकार ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है।

ब्रिटेन में IRGC का समर्थन करना अब अपराध: ब्रिटेन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर दिया है। इसका समर्थन अपराध माना जाएगा।

ईरान ने कुवैत के उदैद एयरबेस पर हमला किया: ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर में स्थित अमेरिकी अल उदैद एयरबेस को निशाना बनाकर हमला किया है। इसमें अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम, मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण नष्ट कर दिए हैं।

देश के नाम संदेश जारी करेंगे मुजतबा खामेनेई
मुजतबा खामेनेई के ऑफिस ने घोषणा की है कि दिवंगत अली खामेनेई को दी गई ऐतिहासिक विदाई पर इस्लामिक रिवोल्यूशन के नए सुप्रीम लीडर का संदेश जल्द जारी किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि इसमें केवल अंतिम विदाई समारोह का जिक्र ही नहीं होगा, बल्कि देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी नए सर्वोच्च नेता अपने विचार रखेंगे। यह संदेश जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।

पाकिस्तान और कुवैत की अमेरिकाईरान से जंग रोकने की अपील
होर्मोज स्ट्रेट के आसपास फिर से बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच पाकिस्तान और कुवैत ने अमेरिका और ईरान से पिछले महीने हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का सम्मान करने और तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचने की अपील की है।

यह अपील शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अलअहमद अलसबाह के बीच हुई बातचीत के दौरान की गई।

वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की ताजा स्थिति पर चर्चा की। कुवैत के विदेश मंत्री ने अपने देश पर लगातार हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई और उम्मीद व्यक्त की कि सभी पक्ष संयम बरतेंगे तथा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को पूरी तरह लागू करेंगे।

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध खत्म होने तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आएंगे। रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में एक ईरानी सूत्र ने बताया कि सुरक्षा कारणों से फिलहाल उनकी कोई सार्वजनिक मौजूदगी नहीं होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुजतबा खामेनेई का किसी विदेशी नेता के साथ पहला आधिकारिक संपर्क रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत या मुलाकात हो सकता है।

इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 23 जुलाई को तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में एक श्रद्धांजलि सभा में मुजतबा शामिल हो सकते हैं।

कुवैत ने ईरान के हमलों को जघन्य बताया
कुवैत ने अपने तेल ठिकानों, बिजलीघरों और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले डिसैलिनेशन प्लांट पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को ‘जघन्य’ बताते हुए कहा कि ईरान लगातार नागरिक ठिकानों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। कुवैत ने ईरान को इस हमले के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत हमले रोकने की मांग की।

ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया
ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए तेहरान अब उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता कई हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद हुआ था। इसके बाद दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत का रास्ता खुला था, लेकिन हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच फिर से हमले शुरू होने के बाद यह समझौता लगभग बेअसर हो गया है।

पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है।

ईरान ने राजधानी तेहरान में एक नया होर्डिंग लगाया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके पूरे परिवार को ताबूतों में दिखाया गया है। इन ताबूतों पर अमेरिकी झंडा लिपटा हुआ है, जबकि पीछे व्हाइट हाउस को आग की लपटों में घिरा दिखाया गया है।

होर्डिंग में ट्रम्प के साथ उनकी पत्नी मेलानिया और उनके पांचों बच्चों की तस्वीरें भी हैं। इस पर फारसी भाषा में ‘खून के बदले खून’ का नारा लिखा गया है।

यह दूसरी बार है, जब ईरान ने सार्वजनिक होर्डिंग के जरिए ट्रम्प को धमकी दी है। इससे पहले तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में एक होर्डिंग लगाया गया था, जिसमें ट्रम्प को ताबूत में लेटा हुआ दिखाया गया था।

अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान और तेज करने की तैयारी कर रहा है। एक्सियोस की रिपोर्ट में यह दावा तीन अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों के हवाले से की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई बैठक में ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ कई सैन्य विकल्पों की समीक्षा की।

इनमें ईरान के ऊर्जा ठिकानों और बिजली संयंत्रों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले, परमाणु ठिकानों पर नए हमले कर समृद्ध यूरेनियम के भंडार को और गहराई में दबाना, और भूमिगत पिकऐक्स माउंटेन ठिकाने पर हमला करने का विकल्प भी शामिल है।

अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत, 500 से ज्यादा घायल
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपौर ने बताया कि यह आंकड़े अमेरिकी हवाई हमलों में मारे गए और घायल हुए लोगों के हैं।

दावा 23 जुलाई को लोगों के सामने आएंगे मुजतबा खामेनेई
ईरान ने घोषणा की है कि 23 जुलाई को तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम शाम 5 बजे से 7 बजे तक चलेगा।

हालांकि, अभी तक ईरानी अधिकारियों ने यह पुष्टि नहीं की है कि मोजतबा खामेनेई इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे या नहीं। लेकिन इस ऐलान के बाद माना जा रहा है कि यह उनके सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहली सार्वजनिक मौजूदगी हो सकती है।

इस महीने अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भी मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। अंतिम नमाज की अगुवाई उनके तीन भाइयों मुस्तफा, मेयसाम और मसूद खामेनेई ने की थी।