उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेसSP गठबंधन के लिए सीटशेयरिंग पर बातचीत शुरू होने से पहले एक अहम संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि गठबंधन में हर पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं, यह सबसे जरूरी बात नहीं है, बल्कि असली मकसद गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है.

एक्स पर किए पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा, “जब मकसद साफ हो, तो हाथ जुड़ जाते हैं, जब नजर मंजिल पर हो, तो सफर आसान हो जाता है.” उन्होंने जोर दिया कि गठबंधन में सीटों के बंटवारे से ज्यादा जरूरी जीत के लिए मिलकर काम करना है.

उन्होंने अपने पोस्ट में फिर कहा, “बात सीटों की नहीं, जीत की है.” अखिलेश के मुताबिक, यह जीत सिर्फ गठबंधन में शामिल राजनीतिक पार्टियों की नहीं होगी, बल्कि उन सभी लोगों की सामूहिक कोशिश का नतीजा होगी जो लगातार संघर्ष कर रहे हैं.

गठबंधन की लड़ाई सांप्रदायिकता के खिलाफ

गठबंधन की लड़ाई को सांप्रदायिकता के खिलाफ बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मकसद यह पक्का करना है कि “सांप्रदायिकता फिर कभी सिर न उठाए.”

मक़सद जब साफ़ हो तो हाथमेंहाथ होता है
निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है!

बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।

फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है।

ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्रसंविधानआरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए, देश की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली फिर से मुस्कुराए।

जय संविधानजय हिंदुस्तान!

— Akhilesh Yadav October 4, 2026

उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा को भी इस संघर्ष का अहम हिस्सा बताया और कहा कि “BJP से लोकतंत्र, संविधान या आरक्षण को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.”

अखिलेश यादव ने जताई उम्मीद

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश भर में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि देश में सद्भाव फिर से फलेगाफूलेगा और देश तरक्की और खुशहाली की ओर बढ़ेगा.

सीटशेयरिंग पर जल्द फैसला होने की उम्मीद

कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन में सीटशेयरिंग को लेकर बातचीत इस महीने शुरू होने की उम्मीद है. गठबंधन के इंचार्ज राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, गठबंधन का ढांचा और सीटशेयरिंग का इंतजाम अक्टूबर में तय किया जा सकता है. औपचारिक सीटशेयरिंग बातचीत शुरू होने से पहले अखिलेश यादव का यह संदेश गठबंधन में शामिल पार्टियों के लिए एक अहम राजनीतिक संकेत माना जा रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि सीट बंटवारे को लेकर किसी भी संभावित मतभेद से ज्यादा अहम साझा लक्ष्य और गठबंधन की जीत होनी चाहिए.