अमेरिका। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से जारी एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विज्ञापन में भारतीय और सिख समुदाय से जुड़े आम उपनाम ‘सिंह’ का इस्तेमाल करते हुए ड्राइवरों को निशाना बनाए जाने पर नस्लीय और जातीय रूढ़िवादिता के आरोप लगे हैं।

क्या है पूरा मामला?
DHS के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से 9 सितंबर को एक AIजनरेटेड पोस्टर साझा किया गया। पोस्टर में एक ट्रक ड्राइवर जैसे दिखने वाले पगड़ीधारी व्यक्ति को दिखाया गया और उसके साथ आपत्तिजनक संदेश लिखा गया। इसमें “Mr Singh” का जिक्र करते हुए अमेरिकी सड़कों से हटने की बात कही गई। विज्ञापन में अवैध प्रवासियों को लेकर DHS के “Selfdeport or find out” अभियान का संदेश भी शामिल था।
‘सिंह’ नाम के इस्तेमाल पर आपत्ति
विज्ञापन सामने आने के बाद हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन समेत संगठनों ने इसकी आलोचना की। उनका कहना है कि ‘सिंह’ एक व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला नाम है और इसे अवैध प्रवासियों या खराब ड्राइविंग से जोड़ना पूरे भारतीय और सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश करता है।
ट्रकिंग क्षेत्र में बड़ी भूमिका
अमेरिका में पंजाबी और सिख समुदाय के बड़ी संख्या में लोग ट्रकिंग और परिवहन क्षेत्र से जुड़े हैं। ऐसे में आलोचकों का कहना है कि DHS का विज्ञापन किसी खास कानूनी उल्लंघन की बजाय एक पूरे समुदाय को निशाना बनाता हुआ दिखाई देता है।
विवाद के बीच DHS का अभियान
यह विज्ञापन ट्रंप प्रशासन के व्यापक इमिग्रेशनएनफोर्समेंट अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। DHS अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को स्वेच्छा से देश छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसी अभियान के तहत सड़कों पर अवैध प्रवासियों की रिपोर्ट करने की अपील भी की गई है।
संगठनों ने जताया कड़ा विरोध
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने इस पोस्ट को नस्लीय और भारतविरोधी प्रोफाइलिंग बताया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं सिख संगठनों ने कहा कि किसी एक समुदाय के नाम को इस तरह इस्तेमाल करना अनुचित है। इस विवाद ने अमेरिका में इमिग्रेशन नीति और नस्लीय पहचान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


