Dog cat license Lucknow: लखनऊ में पालतू कुत्ते और बिल्ली पालने वालों के लिए अब नियम और सख्त हो गए हैं. नगर निगम की पालतू पशु अनुज्ञप्ति, नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि2025 का गजट जुलाई 2026 में प्रकाशित होने के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी गई है. खास बात यह है कि वर्ष 2003 के बाद पहली बार पालतू पशुओं से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है.

अब तक लाइसेंस व्यवस्था मुख्य रूप से कुत्तों तक सीमित थी, लेकिन पहली बार बिल्लियों को भी लाइसेंस के दायरे में शामिल किया गया है. नई व्यवस्था के तहत भारतीय नस्ल के कुत्ते के लिए सालाना लाइसेंस शुल्क 200 रुपये तय किया गया है. विदेशी नस्ल के कुत्ते के लिए यह शुल्क 1000 रुपये होगा. वहीं देसी या विदेशी किसी भी नस्ल की बिल्ली पालने के लिए 500 रुपये सालाना लाइसेंस शुल्क देना होगा.

बिना लाइसेंस पकड़े गए तो भारी जुर्माना

नगर निगम ने लाइसेंस नहीं बनवाने वालों के लिए भी कड़ा प्रावधान किया है. बिना लाइसेंस पालतू पशु रखने पर देसी या विदेशी नस्ल के कुत्ते के मामले में 5000 रुपये, जबकि बिल्ली के मामले में 1000 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है. लाइसेंस की सूचना मिलने के बाद भी उसका नवीनीकरण नहीं कराने पर कार्रवाई के साथ अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान है. नियमों के तहत 50 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

नई उपविधि में पालतू पशुओं को लेकर जिम्मेदारी भी तय की गई है. कुत्तेबिल्ली को सड़क, पार्क या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ना प्रतिबंधित रहेगा. पशु मालिकों को अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा, नियंत्रण और स्वच्छता की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी. नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस निरस्त करने समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है.

मकान के आकार के हिसाब से तय होगी कुत्तों की संख्या

नगर निगम ने मकान के क्षेत्रफल के आधार पर पालतू कुत्तों की संख्या भी निर्धारित की है. 200 वर्गमीटर तक के मकान में अधिकतम दो कुत्ते रखे जा सकेंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं 300 वर्गमीटर तक के मकान में अधिकतम चार कुत्ते रखने की अनुमति होगी. इससे अधिक संख्या में कुत्ते रखने पर उन्हें शेल्टर होम में रखने की व्यवस्था करनी होगी.

नए नियमों का उद्देश्य घरों में बड़ी संख्या में कुत्ते पालने पर नियंत्रण करना भी है. चार से अधिक कुत्ते रखने की स्थिति में शेल्टर होम से जुड़े प्रावधान लागू होंगे. नगर निगम ने पालतू पशुओं की संख्या, उनकी देखभाल और सार्वजनिक स्थानों पर उनके नियंत्रण को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं.

पहली बार बिल्लियां भी लाइसेंस व्यवस्था में

लखनऊ में पालतू पशुओं को लेकर लागू नई उपविधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बिल्लियों को पहली बार लाइसेंस व्यवस्था में शामिल किया गया है. यानी अब बिल्ली पालने वालों को भी नगर निगम के नियमों का पालन करते हुए लाइसेंस लेना होगा.