वायु प्रदूषण की बात आते ही हमारे दिमाग में धुंध से ढकी सड़कें, वाहनों से निकलता धुआं, कारखानों की चिमनियां और मास्क पहने लोग नजर आने लगते हैं. खासकर अक्टूबरनवंबर में दिल्लीएनसीआर की हवा खराब होने पर प्रदूषण चर्चा का बड़ा विषय बन जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रदूषण का खतरा सिर्फ घर के बाहर नहीं, बल्कि आपकी रसोई के अंदर भी मौजूद हो सकता है?

जिस जगह परिवार के लिए खाना बनता है, वहां से निकलने वाली गैसें और बारीक कण भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

गैस पर खाना बनाते समय निकलती है हानिकारक गैसे

आमतौर पर घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जाता है. गैस जलने पर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी गैस निकल सकती है. अगर गैस का दहन ठीक से नहीं हो रहा है, तो कार्बन मोनोऑक्साइड भी बन सकती है. इसके अलावा, खाना तलने, भूनने और तेज आंच पर पकाने के दौरान बहुत छोटे कण हवा में फैलते हैं. ये कण घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता खराब कर सकते हैं.

अगर रसोई छोटी है, खिड़कियां बंद रहती हैं या हवा बाहर निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो इन प्रदूषकों का स्तर बढ़ सकता है. ऐसे में खाना बनाते समय निकलने वाली गैसें और कण लंबे समय तक घर के अंदर मौजूद रह सकते हैं.

खांसी, आंखों में जलन और सांस की परेशानी का खतरा

रसोई में प्रदूषण का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. कुछ लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है. अस्थमा और सांस की दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है.

बच्चों, बुजुर्गों और सांस की पुरानी बीमारी वाले लोगों को घर के अंदर की हवा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कार्बन मोनोऑक्साइड एक जहरीली गैस है, जो रंगहीन और गंधहीन होती है. अधिक मात्रा में इसके संपर्क में आने से सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और गंभीर स्थिति में बेहोशी तक हो सकती है. इसलिए गैस के सही दहन और रसोई में पर्याप्त हवा आनेजाने की व्यवस्था जरूरी है.

डॉक्टर से जानें, रसोई में प्रदूषण से कैसे बचें

पैसिफिक वनहेल्थ हॉस्पिटल की कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका बिंदरू के मुताबिक, स्वस्थ रहने के लिए घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है. रसोई में खाना बनाते समय कुछ सावधानियां अपनाकर प्रदूषकों के संपर्क को कम किया जा सकता है.

रसोई में हवा आनेजाने का रास्ता रखें खाना बनाते समय संभव हो तो खिड़की खोलें, ताकि ताजी हवा अंदर आ सके और प्रदूषित हवा बाहर निकल सके.

एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन चालू रखें. अगर रसोई में चिमनी लगी है, तो उसका सही तरीके से इस्तेमाल और नियमित सफाई करें.

गैस चूल्हे की नियमित जांच कराएं गैस की लौ सामान्य रूप से नीली होनी चाहिए. अगर लौ लगातार पीली या नारंगी दिखाई दे, तो चूल्हे की जांच कराएं. गैस की मरम्मत किसी प्रशिक्षित व्यक्ति से ही करवाएं.

खाना बनाते समय धुएं को नजरअंदाज न करें तेल को जरूरत से ज्यादा गर्म करने और खाना जलने से बचें. इससे हवा में धुआं और बारीक कण बढ़ सकते हैं.

गैस जलाकर न छोड़ें खाना बनाते समय गैस पर नजर रखें. इस्तेमाल के बाद बर्नर बंद कर दें और रसोई में गैस की गंध आने पर उसे जलाने से बचें.

बाहर ही नहीं, घर के अंदर की हवा भी जरूरी

वायु प्रदूषण से बचाव के लिए सिर्फ मास्क पहनना या बाहर निकलने का समय बदलना पर्याप्त नहीं है. घर के अंदर भी साफ हवा सुनिश्चित करना जरूरी है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन, गैस चूल्हे की नियमित जांच और खाना बनाते समय सावधानी अपनाकर प्रदूषण के संपर्क को कम किया जा सकता है. क्योंकि सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ घर के बाहर की हवा नहीं, घर के अंदर की हवा का साफ होना भी जरूरी है.