Murli Manohar Joshi Statement: बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने नई शिक्षा नीति और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध को लेकर बड़ा बयान दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध पर पूछे गए सवाल के जवाब में जोशी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए कई जरूरी शर्तों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जनता का शासन तभी मजबूत बना रह सकता है, जब चुनाव निष्पक्ष हों, सरकारें जवाबदेह हों और प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शी तरीके से काम करे।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ Protest पर मुरली मनोहर जोशी बोले निष्पक्ष चुनाव जरूरी
दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बीच BJP के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने लोकतंत्र को लेकर अहम टिप्पणी की। 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में 21st FICCI Higher Education Summit… pic.twitter.com/NKW4H1WlON
— Bansal News Official October 8, 2026
संविधान के उल्लंघन पर SC को लेना चाहिए संज्ञान
जोशी ने विपक्ष की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विपक्ष को संवेदनशील और जिम्मेदार होने के साथ जनता के सामने स्पष्ट वैकल्पिक कार्यक्रम रखना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी कार्य संविधान के दायरे में होने चाहिए। संविधान का उल्लंघन होने की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के लोकतंत्र संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र की निरंतरता के लिए निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों का पालन जरूरी है।
नई शिक्षा नीति का आकलन करना अभी जल्दबाजी
नई शिक्षा नीति पर उन्होंने कहा कि इसे लागू हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है। फिलहाल यह शुरुआती दौर में है, इसलिए इसके प्रभाव और परिणामों का आकलन करना जल्दबाजी होगी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नीति कितनी सफल होती है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।



