देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर एचडीएफसी बैंक के दिन कुछ दिनों से अच्छे नहीं चल रहे है. बैंक के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. मार्जिन को लेकर चिंताओं के बीच, बुधवार को लगातार तीसरे दिन HDFC बैंक के शेयरों में गिरावट आई. खास बात तो ये है कि इन तीन दिनों में बैंक के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. जिसकी वजह से बैंक की वैल्यूएशन में 1 लाख करोड़ रुपए की कमी आ गई है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में एचडीएफसी बैंक के शेयरों के किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं…

8 फीसदी की गिरावट, 1 लाख करोड़ साफ
BSE पर शेयर 1.09 फीसदी गिरकर 753.15 रुपए पर बंद हुआ. दिन के दौरान, इसमें 1.47 फीसदी की गिरावट आई और यह 750.25 रुपए पर आ गया. NSE पर, इसमें 1 फीसदी की गिरावट आई और यह 753.15 रुपए पर बंद हुआ. तीन दिनों में, शेयर 8.11 फीसदी गिर गया, जिससे इसकी मार्केट वैल्यूएशन से 1 लाख करोड़ रुपए कम हो गए. इसकी मार्केट वैल्यूएशन 11,59,950.98 करोड़ रुपए थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही, कंपनी मार्केट कैपिटलाइजेशन रैंकिंग में तीसरे स्थान पर खिसक गई. भारती एयरटेल 12,16,839.14 करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यूएशन के साथ दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई. रिलायंस इंडस्ट्रीज 17,44,141.25 करोड़ रुपए के मार्केट कैप के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है.
एचडीएफसी बैंक ने किया निराश
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, नेट इंटरेस्ट मार्जिन के मामले में एचडीएफसी बैंक ने निराश किया है. एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को जून तिमाही के लिए स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 19,060 करोड़ रुपए का प्रॉफिट बताया. देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर लेंडर ने पिछले साल इसी अवधि में 18,155 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट कमाया था. हालांकि, HDFC बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय एक साल पहले की इसी अवधि के 99,200 करोड़ रुपए से घटकर 92,184 करोड़ रुपए हो गई.
ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटा
लेंडर की ब्याज से होने वाली आय एक साल पहले की इसी तिमाही के 77,470 करोड़ रुपए से बढ़कर 79,363 करोड़ रुपए हो गई. इस अवधि के दौरान, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 28,169 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 35,734 करोड़ रुपए था. कंपनी ने बताया कि जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम 7 प्रतिशत बढ़कर 33,530 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले 31,440 करोड़ रुपए थी. कुल एसेट्स पर नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26 प्रतिशत और इंटरेस्टअर्निंग एसेट्स के आधार पर 3 प्रतिशत रहा.



