घरेलू शेयर बाजार में आज के कारोबारी सत्र की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई है। एशियाई बाजारों के मिलेजुले संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स 600 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 77,546.40 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 150 अंक लुढ़ककर 24,184.60 पर कारोबार करता नजर आया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बाजार के इस सुस्त रुख के बीच निवेशकों की चिंताएं बढ़ती दिख रही हैं।

बाजार में आई इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 2.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर की गई लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण आपूर्ति को लेकर उत्पन्न अनिश्चितता ने तेल की कीमतों को ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया है, जिसका दबाव शेयर बाजार पर साफ देखा जा सकता है। मुद्रा बाजार में भी हलचल तेज है, जहां रुपया डॉलर के मुकाबले 0.1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 96.40 के स्तर पर खुला।

सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो वित्तीय सेवाओं और निजी बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई है। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में गिरावट ने सूचकांकों को नीचे खींचने का काम किया है। हालांकि, बाजार के कुछ हिस्सों में खरीदारी का रुझान भी बना हुआ है। टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एसबीआई के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है। विशेष रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेशकों ने रुचि दिखाई है, जिसने हाल ही में अपने पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं।

ब्रॉडर मार्केट में भी मिलाजुला असर रहा, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट देखी गई, वहीं पीएसयू बैंक सेक्टर ने बढ़त के साथ प्रदर्शन किया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और भूराजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और बाजार के रुझानों पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वैश्विक संकेत अभी भी काफी अनिश्चित बने हुए हैं।