अक्टूबर और नवंबर में मौसम बदलने के साथ कई लोगों को खांसी, गले में खराश, छींक और नाक बहने जैसी परेशानियां होने लगती हैं. दिल्लीएनसीआर समेत कई इलाकों में इस दौरान हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर खांसी की वजह बदलता मौसम है, एलर्जी, कोई संक्रमण या फिर प्रदूषण?

राजीव गांधी हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डॉ. अजीत कुमार बताते हैं की इन सभी कारणों से खांसी हो सकती है. हालांकि, हर तरह की खांसी के लक्षण एक जैसे नहीं होते. इसकी वजह को समझना जरूरी है, ताकि सही इलाज किया जा सके.

एलर्जी के कारण हो सकती है खांसी

मौसम बदलने पर हवा में मौजूद धूल, मिट्टी और दूसरे एलर्जी पैदा करने वाले कणों के संपर्क में आने से कुछ लोगों को खांसी होने लगती है. ऐसी स्थिति में बारबार छींक आना, नाक में खुजली, नाक बहना और गले में खराश जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. एलर्जी के कारण होने वाली खांसी अक्सर सूखी होती है. अगर खांसी रात में या सुबह के समय ज्यादा होती है, तो इसकी वजह एलर्जी या अस्थमा भी हो सकता है.

वायरल संक्रमण भी है बड़ी वजह

अक्टूबरनवंबर में सर्दीजुकाम और दूसरे वायरल संक्रमण भी खांसी का कारण बन सकते हैं. ऐसी स्थिति में खांसी के साथ बुखार, गले में दर्द, नाक बंद होना, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. संक्रमण के बाद कुछ लोगों में खांसी कई हफ्तों तक बनी रह सकती है. हालांकि, खांसी लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

प्रदूषण से क्यों बढ़ती है खांसी?

अक्टूबर और नवंबर में प्रदूषण बढ़ने से हवा में मौजूद PM 2.5 और PM 10 जैसे बारीक कण सांस के रास्ते शरीर में पहुंच सकते हैं. ये कण गले और सांस की नलियों में जलन पैदा करते हैं, जिससे सूखी खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण के कारण ज्यादा परेशानी हो सकती है. हालांकि, स्वस्थ लोगों पर भी इसका असर पड़ सकता है.

खांसी से बचने के लिए क्या करें?

खांसी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है. प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर निकलने से बचें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें. पर्याप्त पानी पिएं और धूम्रपान से दूर रहें. एलर्जी या अस्थमा की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज करें.

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

डॉक्टर कहते हैं कि अगर खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या खून आने की समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें. खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा बनी रहे या लगातार बढ़ती जाए, तो भी डॉक्टर से सलाह लें. केवल लक्षणों के आधार पर खांसी की सही वजह तय करना हमेशा संभव नहीं होता.