वेल्सपन कॉर्प ने रेगुलेटरी फाइलिंग में जानकारी देते हुए कहा कि उसे अमेरिका में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पाइप सप्लाई करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग 1.8 बिलियन डॉलर यानी 17,200 करोड़ रुपए है. वेल्सपन कॉर्प ने कहा कि यह ऑर्डर वित्त वर्ष 2028 और वित्त वर्ष 2029 के दौरान पूरा किया जाएगा और इससे कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक रिकॉर्ड 4.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. इस घोषणा के बाद शुक्रवार को BSE पर वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में 9 फीसदी तक की तेजी आई और वे दिन के उच्चतम स्तर 2,193 रुपए पर पहुंच गए. कंपनी ने कस्टमर, वॉल्यूम या सप्लाई किए जाने वाले पाइप के प्रकार के बारे में जानकारी नहीं दी.

कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा ऑर्डर
यह ऑर्डर वेल्सपन कॉर्प के इतिहास का सबसे बड़ा सिंगल कॉन्ट्रैक्ट है और नॉर्थ अमेरिकन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में इसकी मौजूदगी को मजबूत करता है. कंपनी ने कहा कि इस ऑर्डर से कई सालों तक रेवेन्यू की विजिबिलिटी मिलेगी और यह कंपनी के US ऑपरेशन्स के पैमाने और काम करने की क्षमता को दिखाता है. ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, अमेरिका भारत के बाहर वेल्सपन कॉर्प का सबसे बड़ा मार्केट है, जो वित्त वर्ष 2026 में इसके रेवेन्यू में 27.2 फीसदी का योगदान देता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। भारत का रेवेन्यू में 71.7 फीसदी हिस्सा था, जबकि अन्य विदेशी मार्केट का योगदान 1.1 फीसदी था.
क्यों मिल रहा है सपोर्ट?
एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की लगातार मांग के बीच वेल्सपन कॉर्प अपने यूएस ऑपरेशन्स का विस्तार कर रही है. कंपनी ने अपनी चौथी तिमाही की अर्निंग्स स्टेटमेंट में कहा कि उसका यूएस स्पाइरल मिल वित्त वर्ष 2028 तक बुक है, जिसे LNG की बढ़ती मांग, AI डेटा सेंटर्स से जुड़ी बिजली की अधिक जरूरत और ऑयल पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से सपोर्ट मिल रहा है. यह नया ऑर्डर भारत के बाहर अपनी मैन्युफैक्चरिंग पहुंच बढ़ाने और ग्लोबल एनर्जी कस्टमर्स के साथ संबंध मजबूत करने की कंपनी की स्ट्रैटेजी को भी आगे बढ़ाता है. वेल्सपन कॉर्प ने कहा कि यह ऑर्डर उसे नॉर्थ अमेरिकन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में लगातार ग्रोथ के लिए मजबूत स्थिति में लाता है.



