गोवा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाने की तैयारी कर रही है. इस नीति के तहत लाइसेंस प्राप्त बाइक टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50% तक सब्सिडी देने का प्रस्ताव है. सरकार का मानना है कि इससे पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और चालकों की परिचालन लागत में भी कमी आएगी.

70 नए EV चार्जिंग स्टेशन भी होंगे स्थापित

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसलों पर चर्चा हुई. सरकार ने गोवा में 70 नए EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना भी बनाई है. चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भरोसा बढ़ेगा और लंबी दूरी की यात्रा भी आसान हो सकेगी.

बाइक टैक्सी और ऑटो चालकों पर रहेगा विशेष फोकस

सरकार का मानना है कि बाइक टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालक प्रतिदिन लंबी दूरी तय करते हैं और ईंधन पर उनका खर्च काफी अधिक होता है. ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने से उनकी दैनिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी. यही वजह है कि नई नीति में सबसे पहले इन्हीं वर्गों को सब्सिडी का लाभ देने की योजना बनाई गई है. इससे उनकी आय बढ़ाने के साथसाथ राज्य में हरित परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा.

पहले से लागू EV नीति को मिलेगा नया विस्तार

गोवा में पहले भी इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन दिया जाता रहा है. अब सरकार नई नीति के जरिए सब्सिडी व्यवस्था को और आकर्षक बनाने तथा अधिक लोगों को EV अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती है. इसके साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी किया जाएगा, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को होगा फायदा

विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, आयातित ईंधन पर निर्भरता घटेगी और परिवहन क्षेत्र अधिक टिकाऊ बनेगा. यदि यह योजना सफल रहती है तो गोवा देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है, जहां सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ेगा. सरकार को उम्मीद है कि नई EV नीति से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथसाथ राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा.