क्या लम्बी दूरी की विमान यात्रा में शराब पीने पर नशा ज्यादा चढ़ता है? सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरहतरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि इस बात में आखिर कितना दम है. इसका जवाब वाइन एक्सपर्ट सोनल हॉलैंड ने एक वीडियो में दिया है. सोनल कहती हैं, अगर आप लम्बी दूरी की इंटरनेशनल फ्लाइट में सफ़र कर रहे हैं, तो ऊपर हवा में आपकी ड्रिंक का रिएक्शन वैसा नहीं होता जैसा जमीन पर होता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर आप भी विमान से लम्बी का सफर तय करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है और यह जान लेना चाहिए कि जमीन के मुकाबले हवा में नशा क्यों ज्यादा चढ़ता है.

विज्ञान कहता है कि अल्कोहल कुछ खास स्थितियों में ज्यादा असर दिखाता है. जैसे ऐसी जगह पर जहां केबिन प्रेशन कम होता है और ऑक्सीजन का स्तर कम होती है. ऐसे में शरीर की अल्कोहल को प्रॉसेस करने की क्षमता बढ़ जाती है.

कम ऑक्सीजन में नशे का असर ज्यादा

वाइन एक्सपर्ट कहती हैं, हवाई जहाज के केबिन में हवा का दबाव जमीन जैसा नहीं होता. इस वजह से खून में ऑक्सीजन का स्तर थोड़ा कम हो जाता है. कम ऑक्सीजन से दिमाग पहले से ही थोड़ा सुस्त और भारी महसूस करता है. जब इसमें शराब मिल जाती है तो असर दोगुना लगता है. चक्कर, सुस्ती और असंतुलन ज्यादा महसूस होता है.

हवाई जहाज के केबिन में हवा का दबाव जमीन जैसा नहीं होता. फोटो: Pexels

डिहाइड्रेशन का असर

प्लेन के केबिन में नमी बहुत कम होती है. इससे शरीर तेज़ी से डिहाइड्रेट होता है, और शराब खुद भी एक ड्यूरेटिक यानी यूरिन को जयादा बढ़ाती है. दोनों मिलकर डिहाइड्रेशन को और बढ़ा देते हैं, जिससे हैंगओवर जैसा असर तेजी से होता है.

कम ऑक्सीजन और शराब का कॉम्बिनेशन हवा में जितना असर दिखाता है उतना जमीन पर पीने पर नहीं होता. वाइन एक्सपर्ट सोनल हॉलैंड कहती हैं, ऐसी स्थिति में शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें. इससे आप बेहतर महसूस कर पाएंगे.

विमान में शराब का असर अलग तरह से दिखता है.

क्या कहती है स्टडी

साल 2018 में जर्मन एयरोस्पेस सेंटर ने एक स्टडी की थी. स्टडी में जिसमें पाया गया कि केबिन एल्टीट्यूड की वजह से खून में ऑक्सीजन सैचुरेशन घट जाता है, जिससे नींद पर और शरीर पर तनाव बढ़ता है. नशे का असर डिहाइड्रेशन और और थकान से आता है, न कि सीधे ब्लड में अल्कोहल की मात्रा बढ़ने से.

आसान भाषा में समझें तो खून में शराब की मात्रा उतनी ही रहती है, लेकिन शरीर उसे ज्यादा तेज महसूस करता है, कम ऑक्सीजन, कम नमी और थकान की वजह से. इसीलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं, फ्लाइट में शराब कम मात्रा में लें और साथ में खूब पानी पिएं.

एविएशन और हेल्थ एक्सपर्ट्स लंबे समय से यात्रियों को सलाह देते आए हैं कि फ्लाइट के दौरान शराब का सेवन सीमित मात्रा में करें. इसके साथ ही भरपूर पानी पीना बेहद जरूरी माना जाता है, ताकि डिहाइड्रेशन के असर को कम किया जा सके. कई एयरलाइंस खुद भी यात्रियों को हाइड्रेटेड रहने की सलाह देती हैं, खासकर लंबी दूरी की उड़ानों में. इसके अलावा, जिन यात्रियों को पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए केबिन के हल्के हाइपोक्सिया वाले माहौल में शराब का सेवन और भी ज्यादा सावधानी की मांग करता है, क्योंकि उनके शरीर पर इसका असर सामान्य यात्रियों से अलग हो सकता है.