Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रयागराज पुलिस ने कुख्यात माफिया अतीक अहमद के आर्थिक साम्राज्य पर एक और बड़ा प्रहार किया है. पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत अतीक अहमद की अपराध से अर्जित बताई गई करीब 20.38 बीघा अचल संपत्ति कुर्क कर ली गई है. इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब ₹110 करोड़ आंकी गई है.

2 गांवों की 44 आराजियों पर कुर्की

पुलिस के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्तियां प्रयागराज सदर तहसील के मौजा भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर और मौजा कटहुला गौसपुर में स्थित हैं. दोनों गांवों की कुल 44 आराजियों में फैली 5.112668 हेक्टेयर भूमि को न्यायालय के आदेश पर कुर्क किया गया.

बेनामी संपत्ति का आरोप

जांच में पुलिस ने दावा किया कि अतीक अहमद ने अपने प्रभाव और आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपराध से अर्जित धन के जरिए इन जमीनों को कौड़ियों के दाम पर खरीदा और उन्हें मदन लाल भारतीया के नाम पर बेनामी तरीके से रजिस्ट्री कराई. पुलिस के अनुसार, जिन जमीनों की सरकारी मालियत करोड़ों रुपए थी, उन्हें बेहद कम कीमत दिखाकर खरीदा गया. सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने इन संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने का आदेश पारित किया.

राजस्व विभाग पहले ही कर चुका है कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, इनमें से 6.5003 हेक्टेयर भूमि को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर उपजिलाधिकारी सदर ने पहले ही राज्य सरकार के बंजर खाते में दर्ज कर दिया था. इसके बाद शेष संपत्तियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई.

अब न बिक्री होगी, न कब्जा

कुर्क की गई संपत्तियों का प्रशासक थाना प्रभारी एयरपोर्ट को नियुक्त किया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति इन जमीनों पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण न कर सके. साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में कुर्की दर्ज कराने और उपपंजीयक कार्यालय को इन संपत्तियों की खरीदफरोख्त पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

अन्य संपत्तियों की भी जांच जारी

प्रयागराज पुलिस ने कहा है कि अतीक अहमद और उसके सहयोगियों द्वारा अपराध से अर्जित अन्य चलअचल संपत्तियों की भी जांच की जा रही है. जांच में यदि और बेनामी या अवैध संपत्तियां सामने आती हैं तो उनके खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। साथ ही ऐसे लोगों के विरुद्ध भी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, जिन्होंने माफिया के अवैध आर्थिक नेटवर्क को खड़ा करने में सहयोग किया.