रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को सफल बनाने के लिए समूह के लाखों कर्मचारियों की मदद ले रहे हैं. भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की राह पर चल रहे इस इश्यू में कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कंपनी ने उनसे निवेश करने पर विचार करने को कहा है. इस बीच ET की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिलायंस ने अक्टूबर महीने की सैलरी भी सामान्य समय से करीब 15 दिन पहले जारी कर दी. हालांकि, कर्मचारियों को वेतन जल्दी देने की वजह नहीं बताई गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस ग्रुप ने अपनी सभी कंपनियों में काम करने वाले करीब 4.20 लाख कर्मचारियों तक पहुंच बनाई है. कर्मचारियों से पूछा जा रहा है कि क्या उनके या उनके परिवार के सदस्यों के पास शेयर खरीदने के लिए जरूरी ट्रेडिंग अकाउंट है. जिन लोगों के पास यह सुविधा नहीं है, उन्हें अकाउंट खुलवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

कर्मचारियों के लिए अलग कोटा, 5% छूट का फायदा

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज में कुल 4,19,911 कर्मचारी हैं. इनमें से 74,822 कर्मचारी जियो में काम करते हैं. जियो के कर्मचारी आईपीओ में कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटे के तहत आवेदन कर सकते हैं. वहीं, रिलायंस समूह की दूसरी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी रिटेल इन्वेस्टर कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऐसे शेयरधारकों के लिए भी अलग हिस्सा रखा गया है, जो तय पात्रता शर्तें पूरी करते हैं.

कंपनी की ओर से दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए गए हैं. उन्हें शेयरों के ऑफर प्राइस पर 5% की छूट भी मिलेगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए भी 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित हैं.

10.3 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है वैल्यूएशन

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 30,200 करोड़ रुपये तक जुटाने के लक्ष्य के साथ आ रहा है. कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये तक रहने का अनुमान है. आईपीओ में शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये तय किया गया है. आईपीओ में निवेश के लिए आवेदन 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे. बड़े निवेशकों के लिए एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, जियो को 20 अरब डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिल चुकी हैं और फिडेलिटी, एलियांज तथा कैपिटल ग्रुप जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी दिलचस्पी दिखाई है.