रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ अपने भारतीय जॉइंट वेंचर से वॉल्ट डिज्नी को हुआ नुकसान 27 जून को खत्म हुई तिमाही में थोड़ा कम होकर 44 मिलियन डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 50 मिलियन डॉलर था. इससे पूरे बिजनेस से होने वाले नुकसान में कमी का पता चलता है. 27 जून को खत्म हुए नौ महीनों में, डिज्नी ने इस जॉइंट वेंचर से 136 मिलियन डॉलर के नुकसान की जानकारी दी, जो एक साल पहले 186 मिलियन डॉलर था. डिज्नी ने कहा कि जिन कंपनियों में उसने निवेश किया है, उनसे होने वाली इक्विटी इनकम में बढ़ोतरी की वजह भारत में जॉइंट वेंचर से होने वाले नुकसान में कमी थी.

ऐसे कम हुआ घाटा
डिज्नी के पास इस जॉइंट वेंचर का 37 फीसदी हिस्सा है. इसे नवंबर 2024 में डिज्नी के स्टारब्रांडेड और अन्य जनरल एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स टीवी चैनलों और भारत में Disney+ Hotstar को RIL के कंट्रोल वाली Viacom18 के साथ मिलाकर बनाया गया था. डिज्नी जॉइंट वेंचर के नतीजों में अपने हिस्से को “इन्वेस्टीज की इनकम में इक्विटी” के तौर पर दिखाती है. डिज्नी के भारत में निवेश में सुधार, रिलायंसडिज्नी जॉइंट वेंचर ‘JioStar’ के वित्त वर्ष 2026 में मुनाफे में जबरदस्त बदलाव से जुड़ा है. ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 में 21,044 करोड़ रुपए से 46.5 फीसदी बढ़कर 30,819 रुपए करोड़ हो गया, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 18 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,145 करोड़ रुपए हो गया. JioStar में RIL की 56 फीसदी और Bodhi Tree Systems की 7 फीसदी हिस्सेदारी है.
JioStar ने महंगे स्पोर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए अपने प्रोविजन को भी पिछले साल के 25,760 करोड़ रुपए से घटाकर वित्त वर्ष 2026 के आखिर तक 17,742 करोड़ रुपए कर दिया. कंपनी ने साल के दौरान प्रोविजन में से 8,018 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया और कोई नया प्रोविजन नहीं बनाया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अपनी सालाना फाइलिंग में, JioStar ने कहा कि कुछ स्पोर्ट्सइवेंट कॉन्ट्रैक्ट्स को अभी भी ‘ओनरस’ के तौर पर क्लासिफाई किया जा रहा है क्योंकि उम्मीद है कि कस्टमर से होने वाली कमाई उन इवेंट्स से जुड़ी कॉस्ट से कम होगी. इस प्रोविजन का मकसद भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान को ध्यान में रखना है.
टाटा प्ले के साथ बढ़ा घाटा
डिज्नी के पिछले साल के नतीजों पर भी भारत में किए गए निवेश से जुड़े इंपेयरमेंट का असर पड़ा था. 28 जून, 2025 को खत्म हुए नौ महीनों के लिए, कंपनी ने 185 मिलियन डॉलर का रीस्ट्रक्चरिंग और इंपेयरमेंट चार्ज बताया, जो मुख्य रूप से टाटा प्ले में उसके निवेश के इंपेयरमेंट के कारण था. इसने स्टार इंडिया से जुड़ी गुडविल में 143 मिलियन डॉलर का इंपेयरमेंट और कंटेंट से जुड़ा 109 मिलियन डॉलर का इंपेयरमेंट भी दर्ज किया. टाटा संस और डिज्नी के बीच 70:30 के जॉइंट वेंचर, टाटा प्ले का नेट लॉस एक साल पहले के 529 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 551 करोड़ रुपए हो गया, जबकि रेवेन्यू 13.5 फीसदी घटकर 4,082 करोड़ रुपए से 3,530 करोड़ रुपए रह गया.
बिजनेस पर दूरगामी असर
भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट मार्केट में रिलायंसडिज्नी का यह जॉइंट वेंचर देश का सबसे बड़ा मीडिया नेटवर्क बन चुका है. घाटा तेजी से कम होने से यह स्पष्ट होता है कि टीवी और डिजिटल स्ट्रीमिंग के इंटीग्रेशन का बिजनेस मॉडल सही दिशा में काम कर रहा है, जिससे आने वाली तिमाहियों में इस वेंचर के मुनाफे में आने की प्रबल संभावना है.



