Rewa News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है. पंचायत राज संचालनालय भोपाल ने सख्त कदम उठाते हुए जनपद पंचायत हनुमना में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारी रामकुशल मिश्रा को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है. यह कार्रवाई रीवा की अदालत द्वारा 14 साल पहले डकैती और मारपीट के आपराधिक मामले में सुनाई गई सजा के आधार पर की गई है.

पंचायत राज संचालनालय द्वारा 5 नवंबर 2026 को जारी आदेश के बाद प्रशासनिक और पंचायत हलकों में हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, रामकुशल मिश्रा पूर्व में जनपद पंचायत जवा की ग्राम पंचायत जनकहाई में पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ थे. वर्तमान में वे जनपद पंचायत हनुमना में पंचायत समन्वय अधिकारी के रूप में कार्यरत थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रीवा ने आपराधिक प्रकरण क्रमांक 271/07 में 20 अप्रैल 2012 को फैसला सुनाया था.

फैसले में रामकुशल मिश्रा को भारतीय दंड विधान की धारा 395 के तहत दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी. वहीं, धारा 323 के तहत भी दोषी पाते हुए 1,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया था.

‘सिविल सेवा आचरण नियम 1965’ के तहत कदाचरण

पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि रामकुशल मिश्रा का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम 1 एवं 3 के अंतर्गत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है. विभाग का मानना था कि डकैती और मारपीट जैसे गंभीर आपराधिक कृत्य में दोषसिद्ध कर्मचारी का शासकीय सेवा में बने रहना जनहित और प्रशासनिक मर्यादा के अनुकूल नहीं है. इसी आधार पर सर्वसम्मति से कठोरतम सजा अधिरोपित की गई.