Motihari LPG Gas Theft: आपके घर आने वाला एलपीजी सिलेंडर पूरी तरह भरा हुआ है या रास्ते में ही उसकी गैस चोरी कर ली जा रही है? क्या आप जितने किलो गैस की कीमत चुका रहे हैं, उतनी गैस सिलेंडर में मिल भी रही है? बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में घरेलू रसोई गैस की चोरी और कालाबाजारी के ऐसे ही एक कथित खेल का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है, जिसने गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आरोप है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले गैस सिलेंडरों से रास्ते में ही गैस निकाल ली जाती थी और फिर सिलेंडरों पर दोबारा सील लगाकर उन्हें एजेंसी तक पहुंचा दिया जाता था. मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मौके से गैस से लदा छह चक्का ट्रक, 355 घरेलू रसोई गैस सिलेंडर, गैस निकालने वाले दो नोजल, सिलेंडरों को दोबारा सील करने के 98 टूल और 1.05 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई है.
हर सिलेंडर से 2 से 3 किलो गैस निकालने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में गैस निकालने और सिलेंडरों को दोबारा सील कर आगे भेजने की बात स्वीकार की है. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 14.4 किलोग्राम गैस वाले घरेलू सिलेंडरों से कथित तौर पर 2 से 3 किलोग्राम गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भर दी जाती थी. इसके बाद गैस निकाले गए सिलेंडरों पर दोबारा सील लगा दी जाती थी, ताकि किसी को शक न हो.
इस तरीके से सिलेंडरों को गैस एजेंसी तक पहुंचाने की बात सामने आई है. यह केवल गैस की चोरी और कालाबाजारी का मामला नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के साथ सीधे तौर पर धोखाधड़ी का गंभीर मामला भी है. मधुबन थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय के अनुसार, पुलिस टीम रात्रि गश्ती पर थी. इसी दौरान थाना क्षेत्र के देल्हो स्थित पंचायत सरकार भवन के पास एलपीजी सिलेंडरों से लदा एक छह चक्का ट्रक खड़ा दिखाई दिया.
नोजल की मदद से गैस दूसरे सिलेंडरों में भरते मिले आरोपी
पुलिस टीम जब ट्रक के पास पहुंची, तो वहां चार लोग नोजल की मदद से घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरते मिले. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. ट्रक की तलाशी के दौरान गैस निकालने के दो नोजल और सिलेंडरों पर दोबारा सील लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 98 सील टूल मिले. इसके अलावा ट्रक के चालक केबिन से 1.05 लीटर अंग्रेजी शराब भी बरामद हुई.
पुलिस ने मौके से कुल 355 घरेलू रसोई गैस सिलेंडर जब्त किए. इनमें 350 भरे हुए और पांच खाली सिलेंडर बताए गए हैं. गैस सिलेंडरों से लदे छह चक्का ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के देल्हो गांव निवासी ब्रजेश पासवान, धर्मेन्द्र पासवान, अरविन्द पासवान और इशान्त कुमार के रूप में हुई है.
सिलेंडर का वजन कैसे जांचें?
मामले में मधुबन थाना में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. इस मामले ने घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेते समय उसके वजन और सील की जांच करनी चाहिए. घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर दर्ज गैस की निर्धारित मात्रा और सिलेंडर के खाली वजन यानी टेयर वेट को देखकर कुल वजन का मिलान किया जा सकता है.
वजन में गड़बड़ी का संदेह होने पर गैस एजेंसी या संबंधित शिकायत सेवा से संपर्क करना चाहिए. मोतिहारी में सामने आया यह मामला बताता है कि गैस की आपूर्ति के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच और निगरानी कितनी जरूरी है.



